
नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। पर्यटन नगरी नैनीताल में पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगा है। यह आरोप किसी राह चलते आम आदमी ने नहीं लगाया है बल्कि यहां के व्यापारियों ने लगाया है।
नैनीताल की दुकानों को रात 11 बजे बंद कराने को लेकर व्यापारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। सोमवार को मल्लीताल कोतवाली में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि पुलिस की मनमानी बंद नहीं हुई तो व्यापारी बाजार बंद करने के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
मल्लीताल कोतवाली पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि पुलिस रोज रात करीब 11 बजे बाजार में आकर दुकानों को जबरन बंद करा रही है, जिससे उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि नैनीताल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां देर रात तक पर्यटक बाजार में खरीदारी करते हैं। ऐसे में दुकानों को जल्दी बंद कराने से न केवल व्यापारियों को नुकसान हो रहा है बल्कि शहर में आने वाले सैलानियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि दुकानों को 11 बजे तक ही खोलने का कोई स्पष्ट आदेश प्रशासन की ओर से जारी नहीं किया गया है। इसके उलट उनके पास शासन का वह पत्र मौजूद है जिसमें पर्यटन स्थलों पर दुकानों को 24 घंटे तक खोलने की अनुमति दिए जाने का उल्लेख है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा सख्ती दिखाते हुए दुकानों को बंद कराया जा रहा है, जिसे व्यापारी पूरी तरह गलत और अनुचित बता रहे हैं।
धरना-प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने कहा कि यदि पुलिस इसी तरह व्यापारियों के साथ व्यवहार करती रही तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि मंगलवार को भी मल्लीताल कोतवाली में प्रदर्शन जारी रहेगा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
व्यापारियों के प्रदर्शन के बाद पूरे मामले को लेकर शहर में चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)









