
देहरादून/हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। जहां डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है, वहीं हल्द्वानी में एक चिकित्सक परिवार पर लगे घरेलू हिंसा के आरोपों ने इस विश्वास को झकझोर दिया है।
दून अस्पताल में तैनात एक महिला चिकित्सक ने अपने सर्जन पति और सास-ससुर के खिलाफ घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। मामले के सामने आने के बाद चिकित्सा जगत और समाज में चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस को दी गई शिकायत में चिकित्सक डॉ. आसना पंत ने बताया कि उन्होंने हल्द्वानी स्थित गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की। इसी दौरान उनकी मुलाकात डॉ. प्रशांत ओली से हुई, जो बाद में उनके जीवनसाथी बने।
इंटर्नशिप के बाद उनकी तैनाती रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल में हुई और बाद में उनका तबादला बीडी पांडेय अस्पताल, नैनीताल में कर दिया गया। इस दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
चिकित्सक के अनुसार, रिश्ते के शुरुआती दौर में ही डॉ. प्रशांत के पिता प्रदीप ओली बिना सूचना उनके पीजी आवास पर आने लगे, जिससे वह असहज महसूस करती थीं। इस बारे में शिकायत करने पर डॉ. प्रशांत ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह अपने पिता को समझा देंगे।
डॉ. पंत ने बताया कि एमबीबीएस पूरा करने के बाद उनका चयन दून मेडिकल कॉलेज में हो गया। 22 फरवरी 2023 को उनकी शादी डॉ. प्रशांत ओली से हुई। आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी सास हंसलता ओली द्वारा दुर्व्यवहार किया जाने लगा और दहेज की मांग की जाने लगी। परिस्थितियों के दबाव में उनके पिता को 10 लाख रुपये का चेक देना पड़ा।
आगे बताया गया कि 3 मार्च 2025 को ऑपरेशन के जरिए उनकी डिलीवरी हुई। इसके बाद 25 मई 2025 को वह अपने नवजात शिशु के साथ पति के साथ देहरादून आ गईं। बावजूद इसके, कथित उत्पीड़न जारी रहने पर उन्होंने पुलिस की शरण ली।
इस मामले में शहर कोतवाल हरिओम चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी डॉ. प्रशांत ओली (निवासी कालाढूंगी रोड, हल्द्वानी), उनके पिता प्रदीप ओली और माता हंसलता ओली के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि समाज में सम्मानित पेशे से जुड़े लोगों के बीच भी यदि इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, तो महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है।









