
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की…’ के जयघोष और ‘राधे-राधे’ की गूंज से गुरुवार को लिटिल फ्लावर स्कूल का पूरा परिसर कृष्णमय हो उठा।
भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्ति, संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों के बीच विद्यालय में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास, उमंग और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चों और विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समारोह में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षिकाओं द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद मंच पर शुरू हुआ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नर्सरी के नन्हे कलाकारों ने बाल कृष्ण की मनमोहक झलक प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। इसके बाद एल.के.जी. और यू.के.जी. के नन्हे-मुन्नों ने आकर्षक प्रस्तुतियों से खूब तालियां बटोरीं। ‘अच्युतम् केशवम्’ की मधुर धुन पर विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों ने शानदार नृत्य प्रस्तुति से मंच पर ऊर्जा और उत्साह भर दिया। वहीं कक्षा 3 से आगे के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाटिका समारोह का प्रमुख आकर्षण रही। नृत्य-नाटिका में भगवान श्रीकृष्ण और उनके बालसखा सुदामा के मिलन को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने सच्ची मित्रता, प्रेम और समर्पण का सुंदर संदेश दिया।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने कृष्ण भक्ति और कान्हा की बाल लीलाओं पर आधारित विभिन्न मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दीं। हर प्रस्तुति के साथ दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट बढ़ती गई और पूरा वातावरण कृष्ण भक्ति में सराबोर होता चला गया।
समारोह का सबसे विशेष आकर्षण अंत में शिक्षिकाओं द्वारा प्रस्तुत भव्य रास और श्रीकृष्ण की मनमोहक प्रस्तुति रही। शिक्षिकाओं की शानदार प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए और पूरे विद्यालय परिसर को उत्सव तथा भक्ति के रंग में रंग दिया।
जन्माष्टमी समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में लगातार ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के जयघोष गूंजते रहे। नन्हे कान्हाओं की मनमोहक छवि, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, कृष्ण की बाल लीलाओं और भक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह को यादगार और अविस्मरणीय बना दिया।
प्रधानाचार्या शांति जीना ने कहा कि हमारे लिए जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि बच्चों को अपनी संस्कृति, संस्कार और जीवन मूल्यों से जोड़ने का एक सुंदर अवसर है। जब हमारे नन्हे-मुन्ने बच्चे कान्हा बनकर मंच पर उतरते हैं और कृष्ण की बाल लीलाओं को जीवंत करते हैं, तो उनके साथ पूरा विद्यालय परिवार भी उस आनंद और भक्ति का हिस्सा बन जाता है।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों में अपनी संस्कृति के प्रति प्रेम और सम्मान के साथ-साथ आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सहयोग की भावना विकसित करना है। बच्चों ने जिस उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुतियां दीं, वह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है।
मैं सभी विद्यार्थियों, शिक्षिकाओं और अभिभावकों को इस सुंदर आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देती हूं। मेरी कामना है कि श्रीकृष्ण का प्रेम, उनकी मित्रता और कर्म का संदेश हमारे बच्चों के जीवन को सदैव सही दिशा देता रहे।









