Haldwani: नशे के अंधेरे से जिंदगी की रोशनी तक, ब्रह्माकुमारीज की मुहिम को एसपी डॉ. जगदीश चंद्र का साथ, 10 करोड़ संकल्पों का आगाज

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। नशे के खिलाफ जनजागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का शुभारंभ हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज राजयोग केंद्र से किया गया।

अभियान के तहत लोगों को नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की प्रतिज्ञा ली।

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कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एसपी (ट्रैफिक एंड क्राइम) डॉ. जगदीश चंद्र, आईटीबीपी कमांडेंट राजेश कुमार जोशी, शिक्षिका डॉ. मुन्नी जोशी, सेवानिवृत्त वरिष्ठ नर्सिंग अधीक्षक बीके माया बिष्ट, बीके नीलम दीदी, बीके बीना दीदी, बीके सुरेंद्र भुटियानी, बीके कमलेश पंत ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस दौरान राजयोग केंद्र की बीके नीलम दीदी ने अतिथियों को ईश्वरीय सौगात भेंट की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारीज से जुड़े भाई- बहन मौजूद रहे।

नशे के खिलाफ समाज की भागीदारी जरूरी : डॉ. जगदीश चंद्र

अपने अनुभव साझा करते हुए एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज के सेंटर में आकर उन्होंने अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ पुलिस और प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन इस लड़ाई को सफल बनाने के लिए समाज की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए नशे की बढ़ती चुनौती पर चिंता जताई और कहा कि शराब, चरस और स्मैक जैसे नशीले पदार्थों से युवाओं को बचाने के लिए परिवार, समाज और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा।

डॉ. जगदीश चंद्र ने कहा कि नशे से बचाव की शुरुआत बच्चों को सकारात्मक दिशा और स्वस्थ वातावरण देने से हो सकती है। माता-पिता बच्चों की रुचि पहचानकर उन्हें किसी एक रचनात्मक गतिविधि से जरूर जोड़ें। खेल, संगीत, कला या कोई अन्य पसंदीदा शौक बच्चों की ऊर्जा को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति कोई सकारात्मक और आनंददायक गतिविधि करता है तो शरीर में डोपामिन, सेरोटोनिन और एंडोर्फिन जैसे रसायनों का स्राव होता है, जो खुशी और मानसिक संतुष्टि की अनुभूति से जुड़े हैं। ऐसे में बच्चों को स्वस्थ गतिविधियों से मिलने वाली खुशी नशे के कृत्रिम सहारे से कहीं बेहतर और सुरक्षित विकल्प देती है।

डॉ. जगदीश चंद्र ने कहा कि बच्चों को केवल नशे से दूर रहने की सीख देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें खुशी पाने के सकारात्मक रास्ते भी देने होंगे। यदि बच्चा खेल के मैदान, संगीत, कला या अपनी पसंद की किसी रचनात्मक दुनिया से जुड़ता है तो उसकी ऊर्जा और प्रतिभा सही दिशा में आगे बढ़ती है।

आईटीबीपी हल्दूचौड़ के कमाण्डेंट राजेश कुमार जोशी और उनकी धर्मपत्नी शिक्षिका डॉ. मुन्नी जोशी समेत बीके भाई बहनों ने भी अपने अनुभव साझा किए।

वक्ताओं ने वर्तमान पारिवारिक तानेबाने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आज के दौर में संयुक्त परिवार का बिखरना भी नई पीढ़ी के लिए घातक साबित हो रहा है। अधिकतर परिवारों में माता- पिता दोनों नौकरीपेशा होने और एक बच्चा होने का प्रभाव परिवार के साथ- साथ पूरी पारिवारिक व्यवस्था पर पड़ रहा है। ऐसा भी वक्त देखने को मिलेगा जब बच्चे दादा-दादी, चाचा- चाची, ताऊ- ताई, बुआ-फूफा जैसे रिश्तों से भी अनभिज्ञ हो जाएंगे।

ऐसे में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़कर ही परिवार को सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण बनाया जा सकता है। यही बेहतर समाज का आधार भी बनेगा।

बीके कमलेश पंत ने कहा कि ऐसे दौर में जब नई पीढ़ी नशे जैसी प्रवृत्ति से घिर रही है, परमात्मा शिव का सन्देश उन तक पहुंचाना अहम हो जाता है। ब्रह्माकुमारीज संस्था के माध्यम से हर दिन राजयोग और ईश्वरीय संदेश ग्रहण कर जीवन में सुख, शांति का अनुभव किया जा सकता है।

प्रतिज्ञा से सकारात्मक बदलाव की शुरुआत : बीके नीलम दीदी 

कार्यक्रम में लोगों ने नशे से स्वयं दूर रहने के साथ-साथ परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

राजयोग केंद्र की संचालिका बीके नीलम दीदी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज द्वारा संचालित ईश्वरीय सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि दादी प्रकाशमणि की स्मृति में समर्पित अगस्त माह में आज कुमाऊं क्षेत्र में नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने सभी से ईश्वरीय सेवाओं से जुड़ने का आह्वाहन किया।

बीके नीलम दीदी ने कहा कि नशामुक्त समाज केवल कानून और कार्रवाई से नहीं, बल्कि जागरूकता, परिवार के सहयोग और सकारात्मक सोच से बनेगा। 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान इसी सामूहिक संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की एक सकारात्मक पहल है।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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