
कालाढूंगी/कोटाबाग, प्रेस 15 न्यूज। स्वतंत्रता दिवस केवल तिरंगा फहराने और देशभक्ति के नारों का दिन नहीं, बल्कि उन वीरों को याद करने का अवसर भी है, जिनके साहस और बलिदान से देश सुरक्षित है।
इसी भावना के साथ पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के संस्थापक गुंजन तिवारी ने आंवलाकोट, कोटाबाग स्थित रामलीला मैदान में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होकर क्षेत्रवासियों और युवाओं को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने देश की रक्षा में अदम्य साहस दिखाने वाले कैप्टन (ऑनरेरी) तारा सिंह अधिकारी, 17 कुमाऊं रेजीमेंट का सम्मान कर उनके योगदान को नमन किया।
गलवान घाटी में चीन के साथ संघर्ष के दौरान देश की रक्षा में साहस का परिचय देने वाले कैप्टन तारा सिंह अधिकारी से मुलाकात के दौरान गुंजन तिवारी ने कहा कि देश के वीर सैनिकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने फाउंडेशन की ओर से उन्हें सम्मानित करते हुए उनके संघर्ष और देशसेवा को नमन किया।
जनसेवा को बनाया जीवन का संकल्प
समाजसेवी गुंजन तिवारी लंबे समय से कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय हैं। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के ब्याज मुक्त ऋण, युवाओं को सकारात्मक दिशा देने, नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए खेलकूद को बढ़ावा और सनातन संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण व उत्थान से जुड़े सेवा प्रकल्पों के माध्यम से वह लोगों के बीच अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
खास बात यह है कि उनका जोर केवल आयोजनों तक सीमित रहने के बजाय युवाओं और आम लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करने तथा समाज को सकारात्मक दिशा देने पर दिखाई देता है। यही सक्रियता उन्हें क्षेत्र में एक उभरते जननेता और जमीनी समाजसेवी के रूप में पहचान दिला रही है। उनका मानना है कि समाज की वास्तविक सेवा तभी है, जब जरूरतमंद व्यक्ति को सम्मान, युवा को अवसर और समाज को सही दिशा मिले।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छात्रसंघ और क्षेत्र के अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी उपस्थिति रही। इस मौके पर दीपक जोशी (छात्र संघ अध्यक्ष), विकास जोशी, सचिन बधानी (छात्र संघ उपाध्यक्ष), रवि जोशी, कुमारी अंजलि, गिरीश पढ़ालनी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में देशभक्ति की भावना के साथ क्षेत्र के विकास, युवाओं की भूमिका और समाज के प्रति जिम्मेदारी पर भी चर्चा हुई। स्वतंत्रता दिवस पर वीर सैनिक का सम्मान और समाज के लिए निरंतर सेवा का संकल्प यह संदेश देता नजर आया कि देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए किए जाने वाले कर्मों में भी दिखाई देती है।









