
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। आजादी का पर्व केवल तिरंगा फहराने और देशभक्ति के गीत गाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी बच्चे के सपनों को उड़ान देना भी राष्ट्रसेवा का ही एक रूप है।
इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए अरुणोदय संस्था एवं अरुणोदय श्रीमती आनंदी देवी रावत देवालय धर्मशाला दानशील न्यास ने स्वतंत्रता दिवस पर जरूरतमंद और मेधावी विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने की दिशा में सराहनीय पहल की।
15 अगस्त को संस्था एवं न्यास परिसर में संस्था और न्यास के कानूनी सलाहकार जगदीश चंद्र बेलवाल ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद संस्था की ओर से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। छात्रवृत्ति पाकर विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और आंखों में भविष्य के सपने साफ दिखाई दिए।
इन विद्यार्थियों को मिली छात्रवृत्ति
कक्षा 9: गुंजन लंगड़ियां, ऋषभ आर्य, सलोनी पाल और भावेश सिंह तड़ागी।
कक्षा 10: शुभांकर, इबरा सिद्दीकी, इशिका गुप्ता और जागृति।
कक्षा 11: हार्दिक बिष्ट, रिया नेगी, सुनैना और अक्शा सैफी।
कक्षा 12: भावना तिवारी, हिमांशु टम्टा, पिंकी और सूरज रावत।
अरुणोदय संस्था की यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग किसी बच्चे के वर्तमान को आसान बनाने के साथ उसके भविष्य की मजबूत नींव तैयार करता है। एक छात्रवृत्ति सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बच्चे को यह भरोसा भी देती है कि समाज उसके सपनों के साथ खड़ा है।
समाज में ऐसे प्रयासों की जरूरत है, जहां सक्षम लोग और संस्थाएं शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने का संकल्प लें। अरुणोदय संस्था और उससे जुड़े पदाधिकारियों का यह प्रयास इसी दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है। संस्था बच्चों की शिक्षा में सहयोग देकर उनके वर्तमान को संवारने और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का अवसर दे रही है।
समाजसेवा से जुड़े लोगों ने बढ़ाया हौसला
कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष जीवनचंद जोशी, न्यास अध्यक्ष जितेंद्र सिंह रौतेला, उपाध्यक्ष राजकुमार केसरवानी, कोषाध्यक्ष लतेश मोहन, संस्था के संस्थापक सदस्य जीडी सती, जेसी बेलवाल, पुष्प लता जोशी, डॉ. दीपा कांडपाल, नीलम कांडपाल, नवीन चंद तिवारी, एमबी जोशी, जीवन सिंह रावत, मधुसूदन लोहनी, धर्मा नेगी और पूरन सिंह जीना मौजूद रहे। विद्यार्थियों के अभिभावक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि समाज की असली समृद्धि तब है, जब उसके बच्चे शिक्षा और अवसरों के साथ आगे बढ़ें। अरुणोदय संस्था और उसके पदाधिकारियों का शिक्षा के क्षेत्र में यह योगदान निश्चित रूप से उन बच्चों के लिए उम्मीद की किरण है, जो प्रतिभा और मेहनत तो रखते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी उनके रास्ते में बाधा बन सकती है।
आज जिन बच्चों के हाथों में छात्रवृत्ति पहुंची है, वही हाथ कल ज्ञान, प्रतिभा और उपलब्धियों के जरिए समाज और देश का नाम रोशन करें, यही अरुणोदय की इस पहल की सबसे बड़ी सफलता होगी।









