नींद में थी दादी, खामोशी में हार गई पोती की जिंदगी, नैनीताल से ह्रदयविदारक खबर

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नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। आखिर क्यों आज की युवा पीढ़ी जिंदगी की जंग से इतनी जल्दी हार मान रही है? क्यों सपनों की उम्र में ही निराशा इतनी गहरी हो जा रही है कि जीवन से ही मुंह मोड़ लिया जा रहा है?

ये सवाल सिर्फ एक परिवार का नहीं, पूरे समाज का है। कहीं हम अपनों के दर्द को समझने में पीछे तो नहीं रह गए? क्या हम सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रह गए हैं, या फिर एक-दूसरे का सहारा बनने की संवेदनशीलता खोते जा रहे हैं?

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नैनीताल में मल्लीताल के सात नंबर क्षेत्र में हनुमान मंदिर के समीप एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां बीएससी की पढ़ाई कर रही 20 वर्षीय छात्रा सिमरन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिमरन डीएसबी कैंपस में अध्ययनरत थी। उसके स्वर्गीय पिता मॉल रोड स्थित एक होटल में कार्यरत थे। सिमरन अपने परिवार मां, दो भाइयों और दादी के साथ रह रही थी।

बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में उसकी दादी मौजूद थीं, जो रात करीब दो से ढाई बजे सो रही थीं। इसी दौरान सिमरन ने चुन्नी का फंदा बनाकर आत्मघाती कदम उठा लिया।

सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस के कोतवाल हरीश चंद पंत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया।

यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल है। आखिर बच्चों के मन में चल रही उथल-पुथल को हम क्यों नहीं समझ पा रहे? माता-पिता की जिम्मेदारी सिर्फ पढ़ाई और सुविधाएं देना नहीं, बल्कि बच्चों के मन को समझना, उनके साथ संवाद बनाए रखना भी है।

आज जरूरत है कि परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थान मिलकर ऐसी परिस्थितियों को पहचानें, जहां कोई युवा मानसिक तनाव से गुजर रहा हो। केवल आभासी दुनिया में व्यस्त रहने के बजाय, हमें एक-दूसरे का सहारा बनना होगा।

क्योंकि कई बार एक छोटी सी बातचीत, एक सच्चा साथ, किसी की जिंदगी बचा सकता है।

(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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