
लोहाघाट, प्रेस 15 न्यूज। उत्तराखंड प्रधान संगठन के राज्यव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को चम्पावत जिले में ग्राम प्रधानों ने अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। पाटी, लोहाघाट और बाराकोट विकासखंडों में ग्राम प्रधानों ने ब्लॉक कार्यालयों पर तालाबंदी कर जोरदार नारेबाजी के साथ धरना-प्रदर्शन किया।
पाटी में बीडीसी बैठक होने के कारण बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान ब्लॉक कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए। पाटी में ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश माहरा, लोहाघाट में पवन भट्ट तथा बाराकोट में निर्मल नाथ के नेतृत्व में प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। वहीं चम्पावत ब्लॉक में अपरिहार्य कारणों से प्रदर्शन नहीं हो सका, जिसे अब 18 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।
पाटी में प्रदर्शन के दौरान ग्राम प्रधानों ने मुख्यमंत्री के नाम दस सूत्रीय मांगों का ज्ञापन क्षेत्रीय विधायक खुशाल सिंह अधिकारी को सौंपा। विधायक के अनुरोध के बाद प्रधानों ने धरना समाप्त किया।
प्रधानों ने ग्राम पंचायतों को लोकतंत्र की बुनियाद बताते हुए विधायकों की तर्ज पर ग्राम प्रधानों को सम्मानजनक वेतन-भत्ते देने की मांग की। इसके अलावा मनरेगा कार्यों में ऑफलाइन हाजिरी की व्यवस्था, जिला योजना की बैठकों में ग्राम प्रधानों के प्रस्ताव शामिल करने, हिमालयी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप राज्य एवं केंद्रीय वित्त की धनराशि सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
प्रधानों ने पंचायती राज एक्ट के तहत 29 विभागों को ग्राम पंचायतों के अधीन लाने तथा गांवों में दस लाख रुपये तक के विभागीय कार्यों में ग्राम पंचायत को कार्यदायी संस्था बनाए जाने की मांग भी रखी।
साथ ही पीएम आवास योजना के नियमों को पहाड़ी परिस्थितियों के अनुरूप सरल करने और 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को टैक्स से मुक्त किए जाने की मांग की गई। प्रदर्शन में प्रधान प्रकाश जोशी, महेश भट्ट, निर्मला जोशी, राजेंद्र प्रसाद समेत दर्जनों ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
(लोहाघाट से वरिष्ठ पत्रकार गणेश दत्त पांडेय की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)









