
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। पहाड़ की शांत वादियां इन दिनों शराब के नशे में वाहन दौड़ाने वालों की लापरवाही से भी त्रस्त हैं। सड़क पर यातायात नियमों को ताक पर रखकर नशे में वाहन चलाने वाले लोग सिर्फ अपनी जान ही जोखिम में नहीं डालते, बल्कि सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों की जिंदगी के लिए भी बड़ा खतरा बन जाते हैं। गुलाबघाटी में मंगलवार देर रात हुआ हादसा इसी लापरवाही की एक और तस्वीर सामने लाता है।
मंगलवार रात करीब 1:07 बजे गुलाबघाटी में हनुमान मंदिर के पास एक बुलेट पैराफिट से टकराकर सड़क से नीचे गहरे गधेरे में जा गिरी। हादसे में बुलेट सवार भूपेश कुमार, उम्र करीब 42 वर्ष, निवासी रोहिणी, दिल्ली, पेड़ और झाड़ियों के बीच फंस गया।
हादसे के बाद सड़क पर बुलेट क्षतिग्रस्त हालत में पड़ी मिली, जबकि सवार नीचे खाई में था। तलाश के दौरान युवक पेड़-झाड़ियों में फंसा दिखाई दिया। उसे खाई से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी पहुंचाया गया।
बताया जा रहा है कि युवक शराब के नशे में धुत था और बोलने की स्थिति में नहीं था। हालांकि वह होश में था। चिकित्सकों के अनुसार उसके पैर में चोट आई है और उसकी हालत सामान्य है।
जिस बुलेट से हादसा हुआ, वह दिल्ली के दारा सिंह के नाम पंजीकृत है। बताया गया कि उनका दामाद भूपेश कुमार ही इसे लेकर दिल्ली से काठगोदाम आया था।
आज बच गया… लेकिन अगली बार?
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए चेतावनी है जो शराब पीने के बाद भी वाहन की चाबी उठाकर सड़क पर निकल पड़ते हैं। आज भूपेश कुमार की जान बच गई, लेकिन अगर शराब पीकर नशे में धुत होकर वाहन चलाने की आदत नहीं छोड़ी तो अगली बार हादसे का नतीजा इतना सामान्य हो, यह जरूरी नहीं।
एक छोटी-सी लापरवाही खाई में जिंदगी खत्म कर सकती है, परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ सकती है और किसी निर्दोष राहगीर को भी अपनी चपेट में ले सकती है।
शराब पीकर वाहन न चलाएं। पहाड़ की सड़कें खूबसूरत जरूर हैं, लेकिन लापरवाही की कोई दूसरी जिंदगी नहीं होती।









