
देहरादून, प्रेस 15 न्यूज।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून में आयोजित दून बुक फेस्टिवल-2026 का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रकाशकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा गढ़वाली एवं कुमाऊँनी पुस्तकों का विमोचन भी किया।
शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देशभर से आए साहित्यकारों, कलाकारों एवं साहित्य प्रेमियों का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह महोत्सव साहित्य, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है, जो समाज में ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान को नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि 9 दिवसीय इस महोत्सव में विभिन्न सत्रों, संवाद कार्यक्रमों, पुस्तक परिचर्चाओं तथा “लेखक से मिलिए” जैसे आयोजनों के माध्यम से साहित्यिक विमर्श को समृद्ध किया जाएगा।
उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के लिए बनाए गए “चिल्ड्रेन पवेलियन” की सराहना करते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में पठन-पाठन की रुचि विकसित होगी।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि ने अनेक महान साहित्यकारों को जन्म दिया है और यह प्रदेश सदैव ज्ञान, संस्कृति एवं सृजन का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
“उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान”, “साहित्य भूषण” सहित विभिन्न पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है, साथ ही विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में साहित्य ग्रामों की स्थापना की जा रही है, जिससे साहित्यकारों को सृजन के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा और उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तकें केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान का स्थायी स्रोत हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को दिशा देती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उपहार स्वरूप पुस्तकों और पौधों को प्रोत्साहित करें, ताकि समाज में ज्ञान और पर्यावरण दोनों के प्रति जागरूकता बढ़े।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को पुनः प्रतिष्ठित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड की साहित्यिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, आचार्य बालकृष्ण, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष मिलिन्द मराठी, निदेशक युवराज मलिक, देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष अमन बंसल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।









