
ऋषिकेश, प्रेस 15 न्यूज। पर्यटन के नाम पर देवभूमि उत्तराखंड लगातार अवैध गतिविधियों का गढ़ बनती जा रही है। ऋषिकेश जैसी पावन धरा भी इस व्यभिचार से खुद को बचा नहीं सकी।
इसी कड़ी में देहरादून जनपद के ऋषिकेश में दून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित कैसीनो गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। हरिद्वार रोड स्थित होटल में देर रात की गई छापेमारी में पुलिस ने जुआ खेलते हुए 40 लोगों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। इनमें स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य जिलों और राज्यों से आए लोग भी शामिल हैं।
भारी मात्रा में कैश और ‘कैसीनो सिस्टम’ बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से बड़े पैमाने पर जुआ सामग्री मिली। आरोपियों के कब्जे से 3356 कैसीनो क्वाइन (टिक्की), 1 लाख 37 हजार 600 रुपये नकद और विभिन्न ब्रांड की 9 शराब की बोतलें बरामद हुईं। यह साफ संकेत है कि यह कोई साधारण जुआ नहीं, बल्कि सुनियोजित और बड़े स्तर पर चलाया जा रहा अवैध कैसीनो था।
10 महिलाएं भी शामिल, कई राज्यों से जुड़े तार
गिरफ्तार आरोपियों में 10 महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस जुआ पार्टी में दिल्ली, मेरठ, नोएडा और हरियाणा जैसे स्थानों से लोग नियमित तौर पर शामिल होते थे। इससे इस नेटवर्क के बड़े और संगठित होने की आशंका और गहरा गई है।
होटल नवरंग सील, मालिक फरार
पुलिस के अनुसार, यह अवैध कैसीनो हरिद्वार रोड स्थित होटल नवरंग में संचालित किया जा रहा था। कार्रवाई के बाद होटल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। हालांकि, होटल मालिक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
गंभीर लापरवाही पर पूरी चौकी निलंबित
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू स्थानीय पुलिस की लापरवाही रहा। देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए आईडीपीएल चौकी प्रभारी समेत कुल 12 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
पूरी कार्रवाई एक गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। सूचना में बताया गया था कि ऋषिकेश के एक होटल में बड़े स्तर पर जुआ खेला जा रहा है। इसके बाद विशेष टीम का गठन कर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई, जिसने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।
सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम की धारा 3/4/5 और आबकारी अधिनियम की धारा 60/68 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके तार किसी बड़े गिरोह या इंटरस्टेट नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं।









