
रुड़की, प्रेस 15 न्यूज। हरिद्वार जिले के रुड़की स्थित सिविल अस्पताल में शनिवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब देहरादून से पहुंची विजिलेंस टीम ने एक डॉक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोप है कि डॉक्टर ने मारपीट के एक मामले में लीगल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट तैयार करने के बदले पीड़ित से 30 हजार रुपये की मांग की थी।
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चिकित्सक का नाम डॉ. आभास सिंह है, जिनका करीब एक माह पूर्व मसूरी से रुड़की सिविल अस्पताल में तबादला हुआ था। शनिवार रात वह इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान विजिलेंस टीम अस्पताल पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।
शिकायतकर्ता को पहले ही केमिकल लगे हुए 20 हजार रुपये दिए गए थे। योजना के तहत शिकायतकर्ता ने डॉक्टर को ब्लड बैंक के पास बुलाया और जैसे ही उसने रुपये डॉक्टर को सौंपे, विजिलेंस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश देकर डॉक्टर को पकड़ लिया।
इसके बाद विजिलेंस टीम डॉक्टर को उनके सरकारी आवास पर ले गई, जहां तलाशी अभियान चलाया गया। आवास की जांच और लंबी पूछताछ के बाद टीम ने डॉक्टर को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर अपने साथ देहरादून ले गई।
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, पीड़ित ने रिश्वत मांगने की शिकायत पहले ही दर्ज करा दी थी, जिसके आधार पर यह ट्रैप कार्रवाई की गई। उधर, पूरे मामले पर सिविल अस्पताल प्रबंधन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।









