
नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। अब सिर्फ सरकार ही नहीं, न्यायपालिका भी पर्यावरण और ईंधन बचत को लेकर गंभीर नजर आ रही है।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक ऐसी पहल शुरू की है, जो आने वाले समय में सरकारी संस्थानों के लिए मिसाल बन सकती है।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता के निर्देश पर हाईकोर्ट स्टाफ, अधिकारियों और अधिवक्ताओं से हर शुक्रवार पैदल, कार पूल या वर्चुअल माध्यम से न्यायालय की कार्यवाही में शामिल होने का आग्रह किया गया है।
नैनीताल जैसे पर्यावरण संवेदनशील शहर में बढ़ते ट्रैफिक, ईंधन खपत और प्रदूषण को देखते हुए उठाया गया यह कदम केवल प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी माना जा रहा है। खासतौर पर हल्द्वानी, भवाली और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले अधिवक्ताओं को वर्चुअल माध्यम अपनाने की सलाह देकर ईंधन बचत और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने की कोशिश की गई है।
एक ऐसे दौर में, जब पूरी दुनिया संसाधनों के संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में काम कर रही है, उत्तराखंड हाईकोर्ट की यह पहल चर्चा का विषय बन गई है।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने हाईकोर्ट स्टाफ और अधिवक्ताओं को शुक्रवार को पैदल या कार शेयर/पूल करके आने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि दूर क्षेत्र के अधिवक्ता वर्चुअल मोड़ से कोर्ट जॉइन करें।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता के दिशानिर्देशों में रजिस्ट्रार जरनल द्वारा आज गुरुवार को जारी पत्र में केंद्र सरकार के संसाधन बचाने के सुझाव के मद्देनजर कुछ गाइडलाइन्स जारी की हैं।
इसमें, ईंधन की खपत को कम करने के लिए पहल की गई है। पत्र में कहा गया है कि हर शुक्रवार को वर्चुअल सुनवाई (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) डे माना जाए।
पत्र में कहा गया है कि केवल उन्हीं मामलों में छूट दी जाएगी जहाँ तकनीकी दिक्कतों के कारण अधिवक्ता वर्चुअल माध्यम से जुड़ने में असमर्थ हों, या जो पैदल अदालत आते हों।
हल्द्वानी, भवाली आदि क्षेत्रों से आने वाले अधिवक्ताओं को विशेष दिशा-निर्देश जारी कर अनुरोध किया गया है कि वे केवल शुक्रवार ही नहीं, बल्कि सप्ताह के अन्य दिनों में भी नैनीताल की यात्रा करने के बजाय वर्चुअल माध्यम से ही अदालत में शामिल हों।
इसका मुख्य उद्देश्य ईंधन को बड़ी मात्रा में बचाना हैं। नैनीताल के अधिवक्ताओं और न्यायालय के अधिकारी/स्टाफ से पत्र में आग्रह किया गया है कि वो न्यायालय तक पैदल ही आएं और जाएं। आसपास से आने वालों को अकेले निजी वाहन की जगह कार पूल कर आने को कहा गया है।
(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की रिपोर्ट)









