
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता का विकास करना भी है।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल, लामाचौड़ में प्रथम सामयिक परीक्षा के उपरांत परीक्षा परिणाम एवं अभिभावक-शिक्षक बैठक (पी.टी.एम.) का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 95 प्रतिशत अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अभिभावकों की यह सक्रिय उपस्थिति विद्यालय और परिवार के बीच मजबूत समन्वय तथा बच्चों के भविष्य के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाती है।
पी.टी.एम. के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, उपस्थिति एवं सह-पाठ्य गतिविधियों में सहभागिता पर अभिभावकों के साथ विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों की उपलब्धियों के साथ-साथ सुधार की संभावनाओं वाले क्षेत्रों पर भी विचार-विमर्श किया गया तथा अभिभावकों के सुझावों को गंभीरता से सुना गया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रशासन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 37 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने की घोषणा की। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार यह पहल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने तथा उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से की गई है।
विद्यालय के प्रबंधक भुवन चंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा वह आधारशिला है, जिस पर एक सशक्त समाज और राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का प्रयास केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी के व्यक्तित्व, चरित्र और जीवन मूल्यों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने और उनकी क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जब विद्यालय और अभिभावक एक टीम की तरह कार्य करते हैं, तब बच्चों की सफलता की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं। छात्रवृत्ति जैसी पहलें विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती हैं और उन्हें अपने सपनों को साकार करने का आत्मविश्वास प्रदान करती हैं।
अंत में विद्यालय प्रशासन ने सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय और अभिभावकों की साझेदारी ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।









