तेल पर अलर्ट मोड: हल्द्वानी में डीलर्स सख्त, सुरक्षा और बकाया भुगतान को लेकर कटघरे में सिस्टम

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। खाड़ी के हालात के बीच पेट्रोल-डीजल आपूर्ति को लेकर उठी आशंकाओं ने हलचल तेज कर दी है। पर्वतीय पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन की आपात बैठक में जहां एक ओर आपूर्ति, सुरक्षा और नियमों को लेकर सख्त रुख अपनाया गया, वहीं दूसरी ओर मारपीट की घटनाओं, पुलिस की निष्क्रियता और करोड़ों के बकाया भुगतान पर तीखा आक्रोश भी सामने आया।

हल्द्वानी में पर्वतीय पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन की आपात बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता ऑल इंडिया पेट्रोलियम एसोसिएशन के सचिव गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने की। बैठक में खाड़ी क्षेत्र के मौजूदा हालात को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पर संभावित प्रतिकूल प्रभाव को लेकर गंभीर मंथन किया गया।

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बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पेट्रोल-डीजल की बिक्री केवल सरकार द्वारा जारी एसओपी और दिशानिर्देशों के अनुसार ही की जाएगी।

एसोसिएशन ने साफ शब्दों में कहा कि उपभोक्ता पंप कर्मचारियों पर बोतल, डिब्बे, जरीकेन, ड्रम या अन्य खुले बर्तनों में पेट्रोल-डीजल देने का दबाव न बनाएं। ऐसा करना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है।

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि फिलहाल तेल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही है। इसके बावजूद आम जनता से अपील की गई कि वे घबराहट में आकर अनावश्यक भंडारण न करें और केवल आवश्यकता के अनुसार ही तेल खरीदें, ताकि किसी तरह की कृत्रिम किल्लत की स्थिति पैदा न हो।

बैठक में कुछ दिन पूर्व रामपुर रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर बोतल में तेल देने से मना करने पर कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट की घटना की कड़ी निंदा की गई। एसोसिएशन ने कहा कि घटना की तहरीर दिए जाने के बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, जिससे पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। डीलर्स ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है, जो चिंता का विषय है।

एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पेट्रोल पंपों की सुरक्षा तत्काल बढ़ाई जाए। डीलर्स का कहना है कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की शॉर्टेज की स्थिति बनती है तो असामाजिक तत्व और जमाखोर हालात को बिगाड़ सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।

तेल कंपनियों से भी स्पष्ट रूप से कहा गया कि मांग के अनुरूप सप्लाई सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पेट्रोल पंप “ड्राई” न हो और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में एक और गंभीर मुद्दा उठाया गया। एसोसिएशन ने प्रशासन को अवगत कराया कि तेल कंपनियों द्वारा पिछले कुछ समय से अग्रिम भुगतान के आधार पर ही आपूर्ति की जा रही है।

ऐसे में सरकारी विभागों और कार्यक्रमों में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति नगद भुगतान पर ही की जाए या फिर उधार तेल केवल सरकारी पंपों या नगर निगम के पंपों से ही लिया जाए।

डीलर्स ने यह भी बताया कि कई सरकारी आयोजनों जैसे उत्तराखंड रजत जयंती कार्यक्रम, 38वें राष्ट्रीय खेल, सुरक्षा फ्लीट, नेता प्रतिपक्ष से जुड़े कार्यक्रम, माननीय केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम और इजा-बैणी कार्यक्रम के लाखों रुपये के बिल लंबे समय से लंबित हैं।

इस कारण पंप संचालक आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं और उनकी वित्तीय स्थिति पर गहरा असर पड़ रहा है। एसोसिएशन ने इन बकाया भुगतानों को जल्द से जल्द जारी करने की मांग की है। बैठक में अन्य विभिन्न विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस महत्वपूर्ण बैठक में अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चड्डा, महामंत्री चेतन बलूटिया, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, संरक्षक अमरीक सिंह चड्ढा, कविराज सिंह, संजय तिवारी, जयदीप सच्चर, सामर्थ अग्रवाल, सहजाद खान, हरजीत सिंह, अम्मार अब्दुला, सरल गोयल, हेमंत नरूला, अनुज मेहरा, सौरभ भट्ट, बलजीत चड्डा, सप्पू कोहली, विक्की गुप्ता, बलराम, अनुज गोयल, राजेंद्र थुवाल, रजत, मदनमोहन जोशी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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