
खेतीखान (लोहाघाट), प्रेस 15 न्यूज। बच्चों के मन को कहानियां जितनी आसानी से छूती हैं, उतनी ही सहजता से उनमें संस्कार और जीवन-मूल्यों के बीज भी बो सकती हैं।
इसी सोच को केंद्र में रखकर क्षेत्र की साहित्यकार एवं शिक्षिका कमला वेदी ने अपनी नई बाल कहानी पुस्तक ‘माँ की सीख’ में बच्चों के लिए मनोरंजक कहानियों के साथ नैतिक मूल्यों और जीवन की जरूरी सीख को सरल भाषा में पिरोया है। राजकीय इंटर कॉलेज खेतीखान में आयोजित समारोह में उनकी इस पुस्तक का विमोचन किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य धीरज सिंह चौहान की अध्यक्षता और दिवाकर भट्ट के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में संस्कृत प्रवक्ता विद्यासागर लोहनी ने पुस्तक की समीक्षा करते हुए कहा कि ‘माँ की सीख’ बच्चों के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक बाल कहानी संग्रह साबित होगा। उन्होंने कहा कि पुस्तक की कहानियां बच्चों को सहज ढंग से जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों से परिचित कराती हैं।
लेखिका कमला वेदी की यह छठी पुस्तक है। संग्रह में कुल 12 बाल कहानियों को शामिल किया गया है। कहानियों के माध्यम से बच्चों को प्रेरणा देने के साथ नैतिक मूल्यों, संस्कारों और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों को सरल एवं रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिनेश चन्द्र पनेरू रहे। इस अवसर पर अर्जुन कुमार, संजना टम्टा, सरोज जोशी, नीलम राणा, आशा राणा, कविता ढेग, गुंजन सगटा, संदीप कलखुड़िया, जितेन्द्र कुमार, पचौरी और कैलाश जोशी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने पुस्तक को बालोपयोगी बताते हुए लेखिका के साहित्यिक प्रयास की सराहना की।
इस दौरान बताया गया कि 5 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था ‘बुलंदी’ की ओर से कमला वेदी को शिक्षक सम्मान भी प्रदान किया गया। उनकी इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार और उपस्थित लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में छात्र रिसव देवपा, रवि, कुलदीप, गौरव सहित अन्य छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि ‘माँ की सीख’ जैसी पुस्तकें बच्चों में पढ़ने की रुचि विकसित करने के साथ उन्हें अच्छे संस्कार, सकारात्मक सोच और जीवन-मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कमला वेदी वर्तमान में राजकीय इंटर कॉलेज खेतीखान में हिंदी प्रवक्ता के रूप में सेवाएं दे रही हैं।
(लोहाघाट से वरिष्ठ पत्रकार गणेश दत्त पांडेय की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)









