‘हम नहीं भूलेंगे अंकिता को’, देहरादून में छलका गुस्सा और दर्द

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देहरादून, प्रेस 15 न्यूज। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर राजधानी देहरादून में श्रद्धांजलि के साथ-साथ न्याय की मांग भी मुखर हुई। गाँधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अंकिता भंडारी हत्याकांड पर अब तक की चुप्पी को लेकर तीखे सवाल उठाए।

मंच के सदस्यों ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को तीन साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाया है। कार्यक्रम के दौरान मंच की कमला पंत ने कहा कि मामले में चर्चित वीआईपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अब तक इस गंभीर मामले पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया, जिससे उत्तराखंड की महिलाओं के सम्मान को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

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मंच की निर्मला बिष्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री के देहरादून दौरे के दौरान रैली की व्यवस्थाओं में उन्हीं लोगों की भूमिका दिखी, जिनके नाम इस मामले में चर्चित रहे हैं। उन्होंने इसे हैरान करने वाला बताया और कहा कि इससे गलत संदेश जाता है।

ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) सर्वेश डंगवाल ने कहा कि इतने समय बाद भी यदि मामले के आरोपित सार्वजनिक रूप से सक्रिय हैं, तो यह व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है। उन्होंने कहा कि मंच तब तक संघर्ष जारी रखेगा जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिल जाता।

विमला कोली ने भी प्रधानमंत्री से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि आखिर कब तक इस मामले में कार्रवाई होगी और कब संबंधित व्यक्तियों को पद और पार्टी से हटाया जाएगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई।

कार्यक्रम के अंत में मंच के सदस्यों ने जनगीतों के माध्यम से अपनी बात रखी और न्याय की मांग को बुलंद किया। सभा को सूरज नेगी, सुजाता पॉल, पंकज क्षेत्री, उषा डोभाल और प्रतिमा सिंह समेत कई लोगों ने संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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