
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। सरकारी नौकरी, मोटी तनख्वाह और ऊपर से वर्दी का रौब… लेकिन फिर भी कुछ लोगों का पेट रिश्वत के बिना नहीं भर रहा। ऐसा लगता है जैसे भ्रष्टाचार अब कुछ सरकारी कर्मचारियों का “धर्म” बन चुका है।
फर्क सिर्फ इतना है कि कोई पकड़ा जाता है और कोई सिस्टम के भीतर बैठकर मौज काटता रहता है। हल्द्वानी में सामने आया यह मामला भी शायद उन्हीं हजारों कहानियों में से एक है, फर्क बस इतना रहा कि इस बार एक जागरूक डंपर मालिक ने हिम्मत दिखाई और रिश्वतखोर कांस्टेबल विजिलेंस के जाल में फंस गया।
उत्तराखंड विजिलेंस (हल्द्वानी सेक्टर) की टीम ने सोमवार 25 मई 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए उपखनिज (RBM) वाहनों के सुचारू संचालन के एवज में 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते कांस्टेबल दीपक सामंत को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सिपाही ऊधमसिंहनगर जनपद के खटीमा क्षेत्र स्थित बिलहरी गांव का निवासी है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने विजिलेंस से शिकायत की थी कि कांस्टेबल लगातार RBM परिवहन करने वाले वाहनों को सीज करने और चालान काटने की धमकी देकर अवैध वसूली कर रहा था। आरोप था कि वाहनों को बिना रोक-टोक चलाने देने के बदले 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस हल्द्वानी सेक्टर की टीम ने मामले का सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप टीम गठित की गई और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी कांस्टेबल को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
इस कार्रवाई के बाद विजिलेंस निदेशक वी. मुरुगेसन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो तत्काल विजिलेंस के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 पर शिकायत करें।
फिलहाल इस कार्रवाई के बाद विभागों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर सिस्टम में ऐसे कितने और रिश्वतखोर बैठे हैं, जो आम जनता को डराकर और सरकारी ताकत का दुरुपयोग कर अपनी जेबें भर रहे हैं।









