
रुद्रपुर/किच्छा, प्रेस 15 न्यूज। किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के बेटे और नगर निगम पार्षद सौरभ राज बेहड़ पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में सनसनीखेज मोड़ आ गया है। पुलिस द्वारा मामले के खुलासे से ठीक पहले स्वयं विधायक बेहड़ ने प्रेसवार्ता कर न सिर्फ पूरे घटनाक्रम का सच सामने रखा, बल्कि जनता, पार्टी और समर्थकों से सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी।
प्रेसवार्ता के दौरान भावुक नजर आए विधायक बेहड़ की आंखों में आंसू थे। उन्होंने कहा कि अपना सिक्का ही खोटा निकला। बेटे की इस करतूत ने मुझे भीतर तक तोड़ दिया है। आज से मैं उससे हर तरह का रिश्ता खत्म करता हूं।
विधायक बेहड़ ने स्वीकार किया कि सौरभ बेहड़ ने अपने मित्र इंदर के साथ मिलकर खुद पर हमले का षड्यंत्र रचा था। यह सब उसने अपने निजी घरेलू विवादों और पत्नी से चल रहे मतभेदों के चलते किया। विधायक ने कहा कि यदि बेटे ने समय रहते उनसे बात की होती तो शायद यह नौबत नहीं आती।
उन्होंने यह भी बताया कि बेटे द्वारा किडनी दान किए जाने के बाद उनकी सहानुभूति स्वाभाविक रूप से सौरभ के साथ अधिक हो गई थी, लेकिन इस घटना ने उनके विश्वास को पूरी तरह तोड़ दिया।
जो किया गया, वह न सिर्फ परिवार बल्कि समाज और राजनीति, तीनों के साथ विश्वासघात है, विधायक बेहड़ ने कहा।
प्रेसवार्ता में विधायक ने पूरे घटनाक्रम के दौरान निष्पक्ष सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी आभार जताया।
पूरा मामला क्या था?
रविवार शाम किच्छा में उस समय हड़कंप मच गया था, जब विधायक तिलक राज बेहड़ के पुत्र सौरभ राज बेहड़ पर बाइक सवार तीन युवकों द्वारा हमला किए जाने की सूचना सामने आई। बताया गया कि सौरभ स्कूटी से अकेले आवास विकास पुलिस चौकी जा रहे थे।
आरोप था कि बिना नंबर प्लेट की बाइक सवार तीन युवकों ने उनकी स्कूटी को टक्कर मारी और गिरने के बाद लात-घूंसे बरसाए। शोर मचने पर स्थानीय लोग जुटे, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। सौरभ को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चला।
घटना की सूचना मिलते ही विधायक तिलक राज बेहड़, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा, कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा समेत कई लोग अस्पताल पहुंचे। शहर में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया था।
विधायक बेहड़ ने उस समय पुलिस पर सख्त कार्रवाई न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी तक दी थी। वहीं, मेयर विकास शर्मा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से विधायक की फोन पर बात कराई थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि अपराधी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।
अब सच सामने आने के बाद अब जबकि खुद विधायक बेहड़ ने पूरे मामले को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लिया है, यह प्रकरण न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में बल्कि आम जनता के बीच भी गहरी चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस कुछ ही देर में इस पूरे मामले का औपचारिक खुलासा करने जा रही है।
यह मामला न केवल एक कथित हमले की सच्चाई उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भावनात्मक दबाव, निजी विवाद और गलत फैसले किस तरह समाज और राजनीति दोनों को झकझोर सकते हैं।









