
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। नए शिक्षा सत्र 2026-27 की शुरुआत हुए आज पांचवा दिन है और हर साल की तरह इस बार भी ‘चेकिंग का सीजन’ शुरू हो गया है। प्रशासन की टीमें शहर के बुक सेलरों की दुकानों पर पहुंचीं, निरीक्षण हुआ, अभिभावकों से फीडबैक लिया गया और नतीजा भी हर साल जैसा ही रहा।
वही पुरानी गड़बड़ियां, वही मनमानी और वही कार्रवाई के निर्देश। इसलिए इस खबर को किसी बड़े बदलाव की उम्मीद के साथ पढ़ने का साहस न करें, इसे भी बीते वर्षों की तरह एक रूटीन कार्रवाई मानकर ही पढ़ें। हालांकि पूरी तरह नाउम्मीदी भी ठीक नहीं। क्योंकि उम्मीद पर ही दुनिया कायम है। क्या पता इस बार अभिभावकों को दीमक की तरह चूसने वालों पर सच में कोई ठोस कार्रवाई हो ही जाए।
हल्द्वानी नगर क्षेत्र में जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल के निर्देशों पर 5 अप्रैल को बुक सेलरों की जांच के लिए तीन टीमें गठित की गईं।
इन टीमों का नेतृत्व नगर मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार और तहसीलदार कुलदीप पाण्डे द्वारा किया गया, जिनके साथ शिक्षा विभाग और राज्य कर विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे।
नगर मजिस्ट्रेट की टीम ने कालाढूंगी रोड स्थित वर्धमान बुक डिपो, पूरनमल एंड संस बुक डिपो और करियर जोन का निरीक्षण किया।
वहीं उपजिलाधिकारी की टीम ने मंगलपड़ाव क्षेत्र में पूरनमल एंड संस, दीक्षा बुक डिपो, टुडे बुक डिपो और पी कुमार की दुकानों की जांच की। तहसीलदार की टीम ने कंसल बुक डिपो और प्रीत बुक डिपो का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान अभिभावकों से भी बातचीत की गई, जिसमें कुछ ने आरोप लगाया कि कई विद्यालय विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए स्लिप दे रहे हैं। इस पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ विद्यालयों में प्ले ग्रुप, प्री-नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी जैसी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिनकी मान्यता और पंजीकरण की जांच के निर्देश शिक्षा विभाग को दिए गए हैं।
इसके अलावा कई स्कूलों में ऐसी किताबें भी चलन में पाई गईं जो एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित नहीं हैं। इन पुस्तकों की उपयोगिता और कीमत पर सवाल उठाते हुए जांच के निर्देश दिए गए हैं।
प्राथमिक जांच में यह भी पाया गया कि इन अतिरिक्त किताबों की कीमत एनसीईआरटी की पुस्तकों से कहीं अधिक है, जिसे उचित नहीं माना गया। ऐसे मामलों में संबंधित विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
टीमों द्वारा एनसीईआरटी की पुस्तकों के रेंडम सैंपल भी दुकानों से एकत्र किए गए हैं, जिनकी सत्यापन प्रक्रिया मुख्य शिक्षा अधिकारी के स्तर पर की जाएगी। साथ ही बुक सेलरों के बिलों की भी जांच की गई, जिसमें आगे की कार्रवाई के लिए राज्य कर विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान सभी दुकानदारों को अभिभावकों के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था और शेड जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा जारी उस सर्कुलर को भी दुकानों पर चस्पा कराया गया, जिसमें 20 अप्रैल 2026 तक यूनिफॉर्म और पुस्तकों की अनिवार्यता से छूट देने की बात कही गई है, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी, सहायक आयुक्त अश्वनी सिंह, गौतम भंडारी, कुंदन पांगती, प्रधानाचार्य आशीष शर्मा और राजेंद्र सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।









