
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। अमृतपुर ग्राम पंचायत में आज बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून के प्रति सशक्त जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा सुपरवाइजर बबली दुसौन के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक के प्रभावशाली माध्यम से महिलाओं को बाल विवाह निषेध कानून, इसके दुष्परिणामों तथा बाल अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों विशेषकर बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक विकास में गंभीर बाधा उत्पन्न करता है।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उद्देश्य समाज में समानता, न्याय और पारदर्शिता स्थापित करना है, जिससे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक अधिकारों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू हो सके।
महिलाओं को बताया गया कि यूसीसी से महिलाओं और बच्चों के अधिकार अधिक सुरक्षित होते हैं और समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने में यह कानून अहम भूमिका निभाता है।
इस जागरूकता अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती तारा भट्ट, नंदी जोशी, चंद्रकला कांडपाल, लीला जंतवाल, ललिता कांडपाल, दीपा देवी, सुनीता भट्ट, ललिता पलड़िया और नीलम जंतवाल ने अपनी सशक्त प्रस्तुति से उपस्थित महिलाओं को गहराई से प्रभावित किया। नाटक ने ग्रामीण महिलाओं को सोचने पर विवश किया और सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास कराया।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान प्रेमा शर्मा तथा ग्राम पंचायत सदस्य अंजू पांडे की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
अंत में उपस्थित महिलाओं ने बाल विवाह के खिलाफ जागरूक रहने और अपने गांव को इस सामाजिक बुराई से मुक्त रखने का संकल्प लिया।









