
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध थम नहीं रहा है। बिजली उपभोक्ताओं के मन में स्मार्ट मीटर को लेकर जो संशय, भ्रम और डर है, उसे दूर करने में फिलहाल यूपीसीएल कामयाब नहीं हो सका है। यही वजह है हल्द्वानी के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंच रही अदाणी एनर्जी सोल्यूशन और यूपीसीएल की टीम का लोग जमकर विरोध कर रहे हैं।
ऐसे में अब यूपीसीएल ने पुलिस के पहरे में उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी कर ली है। यानि अब अब अगर कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान अदाणी एनर्जी सोल्यूशन के कर्मचारियों के सामने विरोध या हाथापाई पर उतारू होगे तो पुलिस उससे निपटेगी।
यूपीसीएल की ओर से जिले में 1.88 लाख बिजली उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है। जिसमें से अब तक 50 फीसदी भी पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में अब पुलिस का डर दिखाकर उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का प्लान बना है।
हल्द्वानी शहरी अधिशाषी अभियंता प्रदीप कुमार ने इसके लिए बाकायदा एसएसपी नैनीताल को पत्र लिखकर पुलिस सहायता की मांग तक कर दी है। हल्द्वानी के बाद कुमाऊं भर में भी पुलिस की मौजूदगी में स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी है।
बात अगर स्मार्ट मीटर के विरोध की करें तो उपभोक्ताओं का आरोप है कि यूपीसीएल और अदाणी एनर्जी सोल्यूशन के कर्मचारी उनकी अनुमति के बिना जबरन स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं, जो इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के तहत गलत है।
लोग पूछ रहे हैं कि यूपीसीएल बताए कि पुराने मीटर में क्या खराबी है? अगर खराबी है तो तो फिर इतने वर्षों तक क्यों उपभोक्ताओं की आंख में धूल झोंकी गई? और अगर पुराने मीटर सही हैं तो फिर क्यों बेवजह उन्हें बदलने का अभियान चलाया जा रहा है?
हल्द्वानी में स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई परिवारों के बिजली के बिल अचानक बहुत बढ़ गए हैं, और कुछ पुराने मीटर भी तेज चल रहे थे।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर में रिचार्ज खत्म होते ही बिजली कट जाती है, जिससे खासकर गरीब परिवारों और छोटे व्यवसायों को दिक्कत होती है, क्योंकि उन्हें हर समय रिचार्ज कराना पड़ता है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें पोस्टपेड और प्रीपेड मोड में से चुनने का अधिकार है, लेकिन यूपीसीएल और अदाणी एनर्जी सोल्यूशन द्वारा जबरन प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं।
जबकि विपक्षी दल और उपभोक्ता संगठनों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में बड़े घोटाले और जनता को लूटने की साजिश है।









