
देहरादून, प्रेस 15 न्यूज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैसाखी पर्व के अवसर पर उत्तराखंड के लोगों को बड़ी सौगात दी। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से अब दिल्ली से देहरादून का सफर मात्र ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
उद्घाटन से पूर्व प्रधानमंत्री ने देहरादून स्थित शक्तिपीठ डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद आशारोड़ी से गढ़ी कैंट तक लगभग 12 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। सड़कों के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए उमड़े रहे। इस दौरान उन्होंने शंख वादकों, वेदपाठियों, स्वयंसेवी महिलाओं और सांस्कृतिक कर्मियों का अभिनंदन भी स्वीकार किया।
गढ़ी कैंट स्थित मेजर जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड को नमन किया और गढ़वाली व कुमाऊंनी भाषा में जनता का अभिवादन किया। सभा स्थल पर देरी से पहुंचने पर उन्होंने हाथ जोड़कर क्षमा भी मांगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू होना चाहिए और इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को एकमत होकर सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि चार दशकों के लंबे इंतजार के बाद यह कानून पारित हुआ है, इसलिए इसे लागू करने में अब देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब भी वे उत्तराखंड आते हैं, यहां से उन्हें अपार प्रेम, आशीर्वाद और नई ऊर्जा मिलती है। बैसाखी और बिहू जैसे पर्वों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में शुरू होने वाली चारधाम यात्रा का देशभर के लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं।
प्रधानमंत्री ने देवभूमि से पंच बदरी, पंच केदार और अन्य आराध्य स्थलों को नमन करते हुए कहा कि मां डाट काली की कृपा से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण बिना किसी बाधा के पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे विकास की “नई भाग्य रेखा” है, जो उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगा।
उन्होंने कहा कि आज देश में बुनियादी ढांचे पर अभूतपूर्व निवेश हो रहा है। 2014 से पहले जहां इस क्षेत्र में सीमित खर्च होता था, वहीं अब बड़े पैमाने पर परियोजनाएं चल रही हैं। उत्तराखंड में भी सवा दो लाख करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम जारी है, जिससे गांव-गांव तक सड़कें पहुंच रही हैं और पलायन रुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होगा। आवागमन तेज और सस्ता होगा, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की कि वे यहां की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने में सहयोग करें।
उन्होंने आगामी अर्धकुंभ और नंदा देवी राजजात यात्रा का उल्लेख करते हुए इन्हें भव्य और स्वच्छ बनाने का आह्वान किया। साथ ही पूर्व सैनिकों के लिए ‘वन रैंक वन पेंशन’ योजना और अन्य सुविधाओं का भी जिक्र किया।
एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषताएं
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड को जोड़ता है. इसकी कुल लंबाई 213 किलोमीटर है. इसकी लागत 11,963 करोड़. 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाफ कॉरिडोर. 200 मीटर लंबे 2 एलिफिटेंट अंडरपास, 6 एनिमल पास. 370 मीटर लंबी सुरंग डाटकाली के पास. 6 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर. 2 आरओबी, 10 पुल, 7 इंटरचार्ज. 2.5 घंटे में होगा दिल्ली का सफर. 20 किलोमीटर वन क्षेत्र शामिल है एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में. 19 प्रतिशत ईंधन की बचत होने का अनुमान. 1.95 लाख पेड़ लगाए गए हैं, प्रतिपूरक वृक्षारोपण कार्य के लिए. 33,840 पेड़ों का कटान बचा आधुनिक तकनीकी के प्रयोग से.
इससे पूर्व डाट काली मंदिर में पूजा के बाद देहरादून में पीएम नरेंद्र मोदी का 12 किलोमीटर का रोड शो हुआ। सड़क के दोनों ओर बीजेपी के उत्साहित कार्यकर्ता पीएम मोदी की एक झलक देखने को बेताब नजर आ रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपना काफिला रोक कर शंख वादक वेदपाठियों का अभिनंदन स्वीकार किया. उन्होंने स्वयंसेवी महिलाओं का और सांस्कृतिक कर्मियों का भी अभिनंदन किया।
केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखण्ड के विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में करीब एक लाख 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
गडकरी ने कहा कि सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर छह लेन रोड़ का भी जून में उद्घाटन होने जा रहा है। इसी तरह 1650 करोड़ के लागत से पौंटा साहिब से देहरादून फोर लेन मार्ग अगले महीने तक शुरु हो जायेगा।
1600 करोड़ की लागत से हरिद्वार में फोर लेन ग्रीन फील्ड बाईपास फेज-1 अक्टूबर, 2026 तक पूरा हो जायेगा, जिससे हरिद्वार और ऋषिकेश जाने में ट्रेफिक जाम की समस्या हल होगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 1100 करोड़ की लागत से ऋषिकेश बाईपास परियोजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी है, जिस पर अगस्त तक काम शुरू हो जायेगा।
उन्होंने कहा कि 1050 करोड़ की लागत से 21 किमी. लम्बा रूद्रपुर में फोरलेन बाईपास इसी साल अक्टूबर और 936 करोड़ की लागत से 15 किमी. लम्बा काशीपुर से फोरलेन बाईपास दिसंबर 2026 में पूरा होगा।
साथ ही 716 करोड़ की लागत से 12 किमी. लम्बा देहरादून – झाझरा – आशारोड़ी फोर लेन एलिवेडेट रोड़ अगले साल अप्रैल और 745 करोड़ की लागत से 20 किमी. लम्बा भानियावाला, जौलीग्रांट से ऋषिकेश तक फोर लेन मार्ग अप्रैल 2028 तक पूरा होगा। साथ ही साथ 800 करोड़ की लागत से श्रीनगर में भी टू लेन बाईपास की भी डीपीआर बन रही है।
उन्होंने कहा कि पहले हमें मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल और चीन से होकर जाना पड़ता था। लेकिन अब 5200 करोड़ रूपये की लागत से टनकपुर-पिथौरागढ़ होकर लिपुलेख तक मार्ग बनाया जा रहा है। 370 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में से करीब 200 किमी. का कार्य पूरा हो चुका है।
इसी तरह 12 हजार करोड़ की लागत से निर्माणाधीन 825 किमी लंबी चारधाम सड़क परियोजना में 640 किमी. का काम पूरा हो चुका है। 1300 करोड़ की लागत से रूद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक का कार्य दिसम्बर 2026 तक शुरू किया जायेगा। इसके साथ-साथ गंगोत्री धाम जाने के लिए 142 किमी का काम पूरा हुआ है और बाकी 100 किमी. का काम चरणबद्ध तरीके से हो रहा है।
यमुनोत्री धाम में 2500 करोड़ की लागत से धरासू से यमुनोत्री तक 46 किमी. का काम पूरा हो चुका है तथा 30 किमी. का काम अप्रैल, 2028 तक पूरा हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार सोनप्रयाग – केदारनाथ रोपवे और गोंविदघाट से हेमकुंड साहिब पर भी काम कर रही है। प्रदेश में अनेक जगहों पर टनल भी बनाई जा रही है।
कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल ले.ज (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, रेखा आर्य, खजान दास, डॉ. धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, मदन कौशिक, राम सिंह कैड़ा, भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह, नरेश बंसल उपस्थित हुए। वहीं, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं।









