
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। हल्द्वानी में भाजपा के मुखानी मंडल उपाध्यक्ष और वार्ड 55 के पार्षद की आपराधिक करतूत ने ओखलकांडा के कैड़ा गांव निवासी 25 वर्षीय युवक नितिन लोहनी की सांसें छीन ली। रविवार देर रात हुए गोलीकांड के सामने आने के बाद हर कोई यही पूछ रहा है कि जब चुने हुए जनप्रतिनिधि ही गुंडई करेंगे तो आम जनता का क्या होगा?
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता और प्रमुख राज्य आंदोलनकारी नीरज तिवारी ने कहा कि आज भाजपा अपराधियों का शरणस्थल बन चुकी है और भाजपा राज में उत्तराखंड में अपराधों की बाढ़ आ गई है। उन्होंने कहा कि यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि भाजपा ने अपराध का पूरी तरह राजनीतिकरण कर दिया है, जहां अपराधी, बलात्कारी और दबंग सत्ता के संरक्षण में खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं।
Video: बीजेपी पार्षद और मंडल उपाध्यक्ष अमित सिंह बिष्ट उर्फ चिंटू का दुस्साहस बताता प्रत्यक्षदर्शी 🔴👇
नीरज तिवारी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के रूप में वरिष्ठ भाजपाई नेताओं के नाम सामने आने के बावजूद भाजपा सरकार आज तक सच्चाई को जनता के सामने लाने का साहस नहीं जुटा पाई है। उल्टा, सरकार अपराधियों को बचाने और सबूतों को दबाने में जुटी रही, जिससे प्रदेश की जनता में आक्रोश और अविश्वास गहराता जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इसी भाजपाई अपराधीकरण की नई और खौफनाक कड़ी के रूप में हल्द्वानी में भाजपा नगर निगम पार्षद एवं मुखानी मंडल उपाध्यक्ष अमित बिष्ट उर्फ चिन्टू द्वारा 25 वर्षीय नितिन की अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना सत्ता के नशे में चूर एक जनप्रतिनिधि की वहशियत को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि आरोपी पार्षद पहले भी कई बार दबंगई और हिंसा के मामलों में सामने आ चुका है। एक बार ठेली वाले को सड़क पर बेरहमी से पीटने का वीडियो भी वायरल हुआ था। उस समय आरोपी को बचाने के लिए भाजपा के कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत तत्कालीन एसएसपी से तक भिड़ गए थे, जिसका वीडियो पूरे प्रदेश में वायरल हुआ।
कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल किया कि जनता की समस्याओं के लिए भाजपा नेताओं को कभी किसी से भिड़ते क्यों नहीं देखा गया, लेकिन अपराधियों को बचाने के लिए वे हमेशा आगे क्यों खड़े नजर आते हैं?
नीरज तिवारी ने कहा कि यही भाजपा की वह नीति है, जिसमें अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण दिया जाता है। इसी संरक्षण ने अमित बिष्ट उर्फ चिन्टू जैसे लोगों का हौसला इतना बढ़ा दिया कि आज उसने एक नौजवान की जान ले ली।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को अपराधमुक्त और भयमुक्त बनाने की बातें करने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज भी अंकिता भंडारी मामले के असली गुनहगारों को बेनकाब करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। जब तक पुष्कर सिंह धामी और बंशीधर भगत जैसे नेता अपराधियों को संरक्षण देना बंद नहीं करेंगे, तब तक भयमुक्त, अपराधमुक्त उत्तराखंड की बात करना जनता के साथ छल और मज़ाक है।
कांग्रेस पार्टी इस जघन्य हत्या की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करती है और स्पष्ट चेतावनी देती है कि यदि दोषियों पर बिना किसी राजनीतिक दबाव के कठोरतम कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक उग्र जनआंदोलन करेगी।









