रामनगर के 17 शिक्षकों- स्टाफ का वेतन रोकने के आदेश, वजह गरीब के बच्चों से जुड़ी है

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रामनगर, प्रेस 15 न्यूज। सरकारी स्कूलों में आसीन व्यवस्था यूं ही बदनाम नहीं है। यूं ही अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजने से नहीं कतराते। अभिभावक छोड़िए खुद सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में होशियार बनाने को भेजते हैं।

लंबे समय बाद जब शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अपने दफ्तरों से निकले तो दो स्कूलों की अंधेरगर्दी से पर्दा उठा। पता चला कि निर्धारित समय से पहले ही बच्चों को घर भेज दिया गया। दरअसल जिन बच्चों को घर भेजा गया था वो सब गरीब मजदूरों के बच्चे थे।

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मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल द्वारा समय पूर्व विद्यार्थियों की छुट्टी करने पर जीआईसी सेमलखलिया और प्राइमरी स्कूल सेमलखलिया विकासखंड रामनगर के 17 अध्यापकों एवं लिपिकों का वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं।

मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द जायसवाल ने बताया कि शुक्रवार को रामनगर के सावल्दे न्याय पंचायत के जीआईसी ढेला, प्राइमरी स्कूल ढेला, हाईस्कूल पटरानी, प्रा वि पटरानी नंबर 3, प्रा वि पटरानी, प्रा वि कारगिल पटरानी, कन्या जूनियर हाईस्कूल सावलदे, प्रा वि सावलदे, जीआईसी सेमलखलिया, प्रावि सेमलखलिया समेत 10 विद्यालयों का निरीक्षण किया गया था।

सीईओ जायसवाल ने जिले के सभी विद्यालयों को स्पष्ट रूप से सचेत किया है कि विद्यालयों के संचालन में कोई लापरवाही न बरती जाय एवं विद्यालय संचालन में समय का विशेष ध्यान रखा जाय। समय से पाठ्यक्रम पूर्ण न करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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