
लोहाघाट, प्रेस 15 न्यूज। सरयू नदी घाटी से जुड़े दूरस्थ गांव सील-बरियूड़ी के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार की कार्यशैली के बारे में केवल सुना था, लेकिन रविवार को जब डीएम स्वयं करीब 18 किलोमीटर पैदल सफर तय कर गांव पहुंचे तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बुजुर्गों ने उनका आत्मीय स्वागत कर आशीर्वाद दिया और एक स्वर में गांव को सड़क से जोड़ने की मांग रखी।
ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके से ही यूआरआरडीए के मुख्य अभियंता एस.के. पाठक से फोन पर वार्ता की। मुख्य अभियंता ने बताया कि 22.4 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए लगभग 23 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इस पर डीएम ने कहा कि अब यह समस्या उनकी भी है और सड़क निर्माण के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि अब सड़क के लिए मेरे पास बार-बार आने की जरूरत नहीं है, मैं स्वयं इस कार्य को आगे बढ़ाऊंगा।
गांव में आयोजित जन चौपाल में जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया। समाज कल्याण विभाग की ओर से खीम सिंह, रतन सिंह, महा सिंह और उमेश सिंह को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए, जिससे वर्षों से सुनने में दिक्कत झेल रहे इन लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई।
इसके अलावा किसान सम्मान निधि, वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का भी मौके पर निस्तारण किया गया। लंबे समय से विद्युत पोल हटाने की मांग कर रहे भवान सिंह की समस्या के समाधान के निर्देश दिए गए, जबकि धनी देवी का राशन कार्ड घर बैठे बनवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव के शत-प्रतिशत पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि यदि कोई पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित रहता है तो यह प्रशासन की कमी मानी जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपनी समस्याएं सीधे फोन पर बताने की अपील करते हुए कहा कि इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।
ग्राम प्रधान खड़क सिंह, भाजपा कार्यकर्ता अजय बिष्ट और पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र सामंत ने कहा कि जिलाधिकारी का यह दौरा क्षेत्र के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां भी वितरित कीं।
इस दौरान पीएमजीएसवाई के अधिकारी बी.सी. नैनवाल, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, डॉ. मंजीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
(लोहाघाट से वरिष्ठ पत्रकार गणेश दत्त पांडेय की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)









