
नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। सरोवरनगरी में सोमवार शाम हुआ हादसा एक साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि हालात की भयावहता में सामने आई एक मार्मिक सच्चाई बन गया।
कृष्णापुर क्षेत्र में गिरे विशालकाय बोल्डर के सामने एक बेजुबान और निर्जीव कार ने अनजाने में ढाल की भूमिका निभाई और संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। वर्षों से मरीजों और जरूरतमंदों की सेवा में उपयोग होती रही यह कार उसी रास्ते पर खड़ी थी, जहां अचानक पहाड़ का मलबा टूट पड़ा।
उस पल किसी भावना या उद्देश्य से नहीं, बल्कि संयोगवश उसने लोगों की सुरक्षा में बाधा बनकर एक बड़ा जोखिम रोक दिया, लेकिन इस टकराव में वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
यह घटना इंसानी सेवा और जिंदगियों की रक्षा के संदर्भ में भले ही एक भावनात्मक तस्वीर छोड़ती है, लेकिन वास्तविकता में यह एक निर्जीव वाहन का प्राकृतिक परिस्थितियों में हुआ विनाश है।
सरोवरनगरी नैनीताल में सोमवार शाम गिरे विशालकाय बोल्डर को रोकने वाली कार के सर्वोच्च बलिदान के बाद एक हैरान करने वाला सच भी सामने आया है। ये बलीनो कार वहां पहले भी कैंसर पीड़ित और अन्य मरीजों को सेवा देती रही है। ये गाड़ी, लुढकते बोल्डर के मार्ग में केदारनाथ की भीम शिला की तरह अडिग हो गई और उसे रोक दिया।
नैनीताल के कृष्णापुर में सोमवार शाम लगभग 6 बजे दो बड़े बोल्डर टूटकर सड़क पर खड़ी बलीनो कार और उसके पास गिर गए। बोल्डर का साइज इतना बड़ा था कि उसने गाड़ी को पूरा ढक दिया।
माना जा रहा है कि बोल्डर अगर नीचे लुढकता तो कई घरों में रहने वाले सैकड़ों लोगों को जानमाल का नुकसान पहुंचाता। इस भारी भरकम बोल्डर को रोकने वाली कार का सर्वोच्च बलिदान देखने को मिला है जब उसने बोल्डर को एक इंच भी नीचे नहीं जाने दिया।
क्षतिग्रस्त कार UK-02-9779 पान सिंह भाकुनी के पुत्र विनय सिंह भाकुनी के नाम पर पंजीकृत है। इसे बागेश्वर के एक प्रोफेसर से लगभग चार वर्ष पूर्व खरीदा गया था। तभी से कार परिवार और आसपास के लोगों को अस्पताल और इलाज संबंधी सेवा प्रदान कर रही है। आज कार ने अपना टोटल लॉस कराकर सैकड़ों लोगों की जान केदारनाथ की भीम शिला की तरह बचाई। लोग अब मन ही मन इस वाहन को पूज रहे हैं।
चार मई की शाम हुए हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस कार की सेवा पड़ोसी ललित मोहन जोशी की पत्नी दीपा जोशी के दिल्ली एम्स में चल रहे इलाज के दौरान होती थी।
इसके अलावा पड़ोस में रहने वाली धना पाण्डे जो हृदय रोगी हैं, उन्हें ये कार अस्पताल लाती और ले जाती रहती थी। पड़ोसी राजेश सोनकर की धर्मपत्नी को भी ये कार नैनीताल के बीड़ी पाण्डे अस्पताल ले गई थी। पान सिंह भाकुनी की पत्नी मुन्नी भाकुनी को माइग्रेन और यूट्रेस की परेशानी है, जिसे इलाज के लिए ये कार रुद्रपुर अस्पताल जाती थी। ऐसे कई लोग हैं जो घायल या बीमार होने पर मोटरमार्ग से लगभग 20 किलोमीटर दूर इसी कार में सवार होकर अस्पताल पहुंचते थे।
ललित मोहन जोशी ने कहा कि प्रशासन ने पीड़ितों को गुफा महादेव मंदिर धर्मशाला में विस्थापित किया है। घटना के समय वो, पान सिंह भाकुनी और उनकी बहू ज्योति गाड़ी के समीप से गुजर रहे थे।
पान सिंह भाकुनी ने बताया कि बोल्डर के टूटने से पहले कुछ छोटे छोटे पत्थर गिरे थे और ऊपर से धुआं सा उठ रहा था। वो अब बहुत भयभीत हैं और प्रशासन ने जल्द से जल्द इसका निराकरण करना चाहिए। भाकुनी ने कहा कि उन्हें बेशक 8 लाख का नुकसान हुआ है, लेकिन ये खुशी है कि उनकी कार ने लोगों की जान बचाई।
(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)









