
नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। सीमित संसाधनों के बीच अनुशासन, मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर नैनीताल की होनहार बेटी दीक्षा जोशी ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में शहर टॉपर बनकर नई मिसाल पेश की है।
इंटरनेट मीडिया से दूरी बनाकर रोज छह घंटे की नियमित पढ़ाई करने वाली दीक्षा अब देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए काम करना चाहती हैं। इतिहास विषय में शत-प्रतिशत अंक हासिल कर उन्होंने न केवल अपने विद्यालय बल्कि पूरे शहर का नाम रोशन किया है।
दीक्षा की इस उपलब्धि के पीछे उनके माता-पिता, किशोर जोशी और आशा जोशी की संयुक्त भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। दोनों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र की व्यस्तताओं के बावजूद घर में शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मकता का ऐसा वातावरण तैयार किया, जिसने दीक्षा के सपनों को पंख दिए।
माता-पिता ने हर मोड़ पर उसका हौसला बढ़ाया, सही मार्गदर्शन दिया और लक्ष्य के प्रति केंद्रित रहने की प्रेरणा दी। उनकी निरंतर प्रेरणा और सहयोग से ही दीक्षा ने यह शानदार सफलता हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है।
मूल रूप से चंपावत जिले के चनोड़ा गांव निवासी दीक्षा जोशी ने अपनी सफलता से यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार, तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है। दीक्षा ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए नैनीताल शहर में टॉप किया। इससे पहले दसवीं बोर्ड परीक्षा में भी उन्होंने 94.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर कक्षा में दूसरा स्थान हासिल किया था।
दीक्षा का सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज और देश के लिए काम करना है। इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने अभी से स्नातक के साथ सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि सफलता के लिए निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास और समय का सही प्रबंधन बेहद जरूरी है।
दीक्षा के पिता किशोर जोशी नैनीताल में दैनिक जागरण के ब्यूरो प्रभारी हैं, जबकि माता आशा जोशी उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में राज्य स्तरीय शहरी विकास संस्थान में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। परिवार में शिक्षा और अनुशासन का माहौल हमेशा से रहा, जिसने दीक्षा को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
अपनी उपलब्धि का श्रेय दीक्षा ने माता-पिता, दादी, परिवारजनों और गुरुजनों को दिया। उनकी सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है और शुभचिंतकों का लगातार बधाई देने का सिलसिला जारी है।









