एरीज और यूओयू के बीच MOU, एस्ट्रोफिजिक्स और क्लाइमेट साइंस में नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। विज्ञान और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में उत्तराखंड को एक नई दिशा देने की पहल के तहत आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान नैनीताल और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौते को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस समझौते का उद्देश्य राज्य में वैज्ञानिक शोध को मजबूती देना और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को जलवायु परिवर्तन व विज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक शोध केंद्र के रूप में विकसित करना है।

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आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान नैनीताल के निदेशक प्रोफेसर मनीष नजा ने कहा कि वायुमंडल और जलवायु संबंधी मानकों को समझने के लिए हल्द्वानी एक अत्यंत उपयुक्त स्थान है।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन करने के लिए यह क्षेत्र एक व्यवहारिक प्रयोगशाला की तरह कार्य कर सकता है।

उन्होंने बताया कि संस्थान का एक केंद्र हल्द्वानी में प्रस्तावित है, लेकिन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के साथ हुए इस समझौते ने शोध कार्यों की तत्काल शुरुआत के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि अब विश्वविद्यालय के भौतिकी, भूगोल और पर्यावरण विज्ञान जैसे विभागों के साथ मिलकर वे उन शोध परियोजनाओं पर काम करेंगे जो अब तक केवल प्रस्तावों तक सीमित थीं।

प्रोफेसर नजा ने कहा कि इस सहयोग से वैज्ञानिक शोध का लाभ सीधे विद्यार्थियों और आम लोगों तक पहुंचेगा, जिससे विज्ञान अधिक व्यावहारिक और जनहित से जुड़ा बन सकेगा।

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ हुआ यह करार विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा लाभ दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा।

उन्होंने बताया कि संस्थान के सहयोग से ऐसे नए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे जिन्हें आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान द्वारा प्रमाणित किया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय के “रेडियो हेलो हल्द्वानी” के माध्यम से वैज्ञानिकों के व्याख्यान उन लोगों तक पहुंचाए जाएंगे जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से सबसे अधिक प्रभावित हैं।

मानविकी विद्याशाखा के निदेशक प्रोफेसर गिरिजा प्रसाद पांडे ने इस समझौते को एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह गठजोड़ एस्ट्रोफिजिक्स और जलवायु विज्ञान के क्षेत्र में शोध और शिक्षा दोनों के लिए नए अवसर पैदा करेगा।

कार्यक्रम के अंत में दोनों संस्थानों के बीच समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। इस अवसर पर आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान की ओर से कुलसचिव मोहित जोशी और वरिष्ठ वैज्ञानिक सोमेश भट्टाचार्य उपस्थित रहे। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. खेमराज भट्ट, प्रो. पी.डी. पंत, प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्रो. डिगर सिंह फर्स्वाण, प्रो. गगन सिंह, प्रो. अरविंद भट्ट और प्रो. राकेश चंद्र रयाल मौजूद रहे।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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