
नैनीताल/हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ के चर्चित मामले ने अब उत्तराखंड उच्च न्यायालय का रुख कर लिया है। देहरादून निवासी सामाजिक कार्यकर्ता बैजनाथ की ओर से इस मामले को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका पर सुनवाई संभवतः 7 सितंबर को हो सकती है।
याचिका में कहा गया है कि जनसभा के बाद सार्वजनिक रूप से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ गंगाजल का छिड़काव कर कथित तौर पर शुद्धिकरण किया गया। याचिकाकर्ता के अनुसार, इस तरह की सार्वजनिक गतिविधि से समाज में वैमनस्यता और सामाजिक तनाव फैलने की आशंका बढ़ सकती है।
इस घटनाक्रम के बाद मामले को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से विभिन्न स्पष्टीकरण और धार्मिक बयान सामने आए थे। विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस पार्टी की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया था।
वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
जनहित याचिका में याचिकाकर्ता ने न्यायालय से इस पूरे प्रकरण से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित एवं संरक्षित रखने के निर्देश जारी करने की मांग की है। इनमें घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग और संबंधित क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज प्रमुख रूप से शामिल हैं।
याचिका में प्रदेश सरकार को मामले का संज्ञान लेते हुए प्रभावी, निष्पक्ष और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।
आरटीआई के जरिए भी मांगी जा रही जानकारी
याचिकाकर्ता का कहना है कि इस घटना से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों और जानकारियों को सामने लाने के लिए सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत भी जानकारी मांगी गई है। उनका उद्देश्य पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को सामने लाना और मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराना है।
अब इस मामले में सबकी नजरें उत्तराखंड हाईकोर्ट में संभावित 7 सितंबर की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत इस याचिका पर क्या रुख अपनाती है और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने अथवा मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर क्या निर्देश देती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की रिपोर्ट ✍️)









