
कोटाबाग/कालाढूंगी, प्रेस 15 न्यूज। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद यदि हौसले मजबूत हों तो सपनों को उड़ान देने से कोई नहीं रोक सकता।
कोटाबाग की होनहार बेटी आरती मेहरा ने इसी जज्बे को सच साबित करते हुए 23 अप्रैल को आयोजित ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी स्तर की जू-जित्सु प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर पूरे भारत में चौथा स्थान हासिल किया। आरती की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
लोअर मिडिल क्लास परिवार से आने वाली आरती मेहरा ने कठिन परिस्थितियों के बीच अपनी मेहनत, अनुशासन और संघर्ष के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता भूपेंद्र सिंह मेहरा और माता रजनी मेहरा ने हर परिस्थिति में अपनी बेटी का हौसला बढ़ाया और उसे अपने सपनों को पूरा करने की खुली आजादी दी।
ऐसे समय में जब समाज के कई हिस्सों में बेटियों के खेलों में आगे बढ़ने पर आज भी सवाल उठाए जाते हैं, मेहरा परिवार ने अपनी बेटी पर विश्वास जताकर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।
आरती की सफलता आज क्षेत्र की उन हजारों बेटियों के लिए उम्मीद की किरण बन गई है, जो बड़े सपने देखती हैं लेकिन संसाधनों की कमी और सामाजिक दबाव के कारण खुद को पीछे महसूस करती हैं। आरती ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है।
आरती मेहरा की इस उपलब्धि पर गुंजन तिवारी ने उनके निवास पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया और शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि आरती मेहरा ने यह साबित कर दिया है कि आर्थिक कठिनाइयाँ कभी भी प्रतिभा और हौसलों को रोक नहीं सकतीं। ऐसी बेटियां पूरे समाज का गौरव होती हैं। हम और हमारी संस्था पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन हमेशा आरती और उनके परिवार के साथ खड़े रहेंगे तथा हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की बेटियों को खेल, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर देना समाज की जिम्मेदारी है। यदि बेटियों को सही मंच और सहयोग मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन कर सकती हैं।
आज आरती मेहरा की सफलता कोटाबाग ही नहीं, पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि सपनों की उड़ान के लिए सिर्फ मजबूत इरादों और परिवार के विश्वास की जरूरत होती है।









