
नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या मामले में नामजद लोगों की गिरफ्तारी पर रोक और दर्ज मुकदमा रद्द करने की याचिका की सुनवाई की।
न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ ने फिलहाल याचिकाकर्ताओं को कोई राहत नहीं दी और राज्य सरकार से मामले की स्थिति कल तक न्यायालय को बताने को कहा। सुनवाई कल भी जारी रहेगी।
मामले के अनुसार, शनिवार देर रात हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र स्थित एक होटल में काशीपुर निवासी सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने फेसबुक लाइव में कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।
सुखवंत सिंह ने आरोप लगाया कि जमीन के मामले में उनसे लगभग चार करोड़ रुपये ठगे गए और उनकी शिकायतों पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, बल्कि उन्हें धमकाया गया।
आत्महत्या के बाद पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर 26 लोगों के खिलाफ आई.टी.आई. थाने में मुकदमा दर्ज किया। इनमें अमरजीत सिंह, दिव्या, रविंद्र कौर, लवप्रीत कौर, कुलविंदर सिंह उर्फ ‘जस्सी’, हरदीप कौर, आशीष चौहान, गिरवर सिंह, महीपाल सिंह, शिवेंद्र सिंह, विमल और उनकी पत्नी, देवेन्द्र, राजेन्द्र, गुरप्रेम सिंह, जगपाल सिंह, जगवीर राय, मनप्रीत कलसी, अमित, मोहित, सुखवंत सिंह पन्नू, वीरपाल सिंह पन्नू, बलवन्त सिंह बक्सौरा, बिजेन्द्र, पूजा और जहीर शामिल हैं।
आज की सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। उनका कहना था कि यह मामला दो पक्षों के बीच आपसी जमीन विवाद से संबंधित है। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से कल तक मामले की स्थिति से अवगत कराने को कहा।
(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)









