
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। पहाड़ के लोग अपनी सादगी, ईमानदारी और भलमनसाहत के लिए जाने जाते हैं। यहां के लोग अक्सर दूसरों की मदद को अपना कर्तव्य मानते हैं। लेकिन अफसोस, इसी भलेपन का फायदा उठाने वाले शातिर भी शहरों में सक्रिय हैं।
हल्द्वानी में सामने आई एक घटना ने न सिर्फ एक भले इंसान को दर्द दिया, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया कि आज के दौर में भलाई करते समय भी सतर्क रहना कितना जरूरी हो गया है।
ओखलकांडा का एक युवक दो भूखे युवकों को खाना खिलाने के लिए रुका, लेकिन उन्हीं लोगों ने उसकी इंसानियत का फायदा उठाकर उसका मोबाइल लूट लिया और खाते से हजारों रुपये उड़ा दिए।
दरअसल, ओखलकांडा के टीमर बड़ौन, खनस्यू निवासी हरेंद्र कुमार किसी काम से हल्द्वानी आए हुए थे। रोडवेज बस स्टेशन के पास उन्हें भीख मांगता एक युवक मिला, जिसने उनसे पैसे मांगे।
पहाड़ के सीधे-सादे स्वभाव के चलते हरेंद्र का दिल पसीज गया और उन्होंने उसे पैसे देने के बजाय खाना खिलाने का निर्णय लिया। वे उसे पास के एक रेस्टोरेंट में ले गए।
खाना खाने के बाद जब हरेंद्र अपने मोबाइल से यूपीआई के जरिए भुगतान कर रहे थे, उसी दौरान शातिर युवक ने उनका पासवर्ड देख लिया। मौका मिलते ही उसने हरेंद्र के हाथ से मोबाइल फोन झपट लिया और फरार हो गया। कुछ ही पलों में वह भीड़ में गायब हो गया और हरेंद्र देखते ही रह गए।
बाद में जब हरेंद्र को बैंक से जानकारी मिली तो पता चला कि उनके खाते से गूगल पे के माध्यम से 42 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद उन्होंने 13 मार्च को कोतवाली में तहरीर देकर घटना की सूचना दी। उन्होंने बताया कि 9 मार्च को रोडवेज बस अड्डे के पास अज्ञात व्यक्तियों ने उनका मोबाइल लूट लिया था।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और 14 मार्च को दोनों आरोपियों को लूटे गए मोबाइल फोन और ₹26,000 नकद के साथ गिरफ्तार कर लिया। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) BNS की बढ़ोतरी भी की गई।
गिरफ्तार शातिर
1. अरुण सोलंकी पुत्र आदेश सोलंकी, निवासी एयरफोर्स गेट, नैनीताल रोड, इज्जतनगर, बरेली (उ.प्र.), उम्र 19 वर्ष
2. सचिन सोलंकी पुत्र राजेंद्र सोलंकी, निवासी मुख्य बाजार, सर्प गांव मार्ग, थाना सोमेश्वर, अल्मोड़ा, उम्र 20 वर्ष
बरामदगी
मोबाइल फोन, ₹26,000 नकद
यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि पहाड़ के लोगों की भलमनसाहत आज भी जिंदा है, लेकिन कुछ शातिर तत्व उसी इंसानियत का फायदा उठाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में जरूरत है कि लोग मदद जरूर करें, लेकिन सतर्कता और सावधानी भी साथ रखें, क्योंकि शहरों में घूम रहे ऐसे अपराधी मौके की तलाश में रहते हैं।









