
धारी/ ओखलकांडा, प्रेस 15 न्यूज। भीमताल क्षेत्र में बाघ के बढ़ते आतंक पर जनाक्रोश और बढ़ गया है। वन विभाग और जिला प्रशासन से प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने दोटूक कहा है कि हमारी एक मांग है। प्राइवेट शिकारी तैनात करो वरना आरपार के लिए तैयार रहो। प्राइवेट शिकारी तैनात नहीं हुए तो तीन जनवरी से उग्र आंदोलन होगा
भीमताल विधानसभा क्षेत्र में बाघ के बढ़ते हमलों ने ग्रामीण इलाकों में दहशत फैला दी है। ओखलकांडा विकासखंड के पतलोट में आयोजित जनता दरबार शिविर के दौरान पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने क्षेत्र में बाघ आतंक को लेकर प्रशासन और वन विभाग पर तीखा हमला बोला।
एक सप्ताह के भीतर दो महिलाओं की दर्दनाक मौत के बाद हरीश पनेरू ने ग्रामीणों के साथ मिलकर उप जिलाधिकारी धारी को ज्ञापन सौंपते हुए प्राइवेट शिकारी (शूटर) हायर कर बाघ को मार गिराने की तत्काल कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे हमलों के चलते महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं और पूरा क्षेत्र भय के साए में जी रहा है।
हरीश पनेरू ने सख़्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि धारी ब्लॉक के तल्ली दिनी और ओखलकांडा के किटौड़ा-चमोली क्षेत्र में अगले दिन तक प्राइवेट शिकारी तैनात नहीं किए गए, तो ग्रामीण महिलाओं के साथ कालागर गलनी के पास धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूर्ण जिम्मेदारी वन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की होगी।
उन्होंने कहा कि वन्यजीव हमलों के नाम पर अब तक केवल काग़ज़ी कार्रवाई और खोखले आश्वासन दिए गए हैं। न तो क्षेत्र में प्रभावी निगरानी हुई और न ही बाघ को पकड़ने या मारने की ठोस पहल। परिणामस्वरूप जनता का विश्वास वन विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से पूरी तरह टूट चुका है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी धारी अंशुल भट्ट ने तत्काल दूरभाष पर प्रभागीय वन अधिकारी एवं जिलाधिकारी नैनीताल को स्थिति से अवगत कराते हुए निर्देश दिए कि किसी भी हाल में अगले दिन तक क्षेत्र में प्राइवेट शिकारी तैनात किए जाएं, ताकि हालात आंदोलन की ओर न बढ़ें।
हरीश पनेरू ने दो टूक कहा कि अब और मौतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि घटनास्थलों पर केवल दिखावटी दौरे कर जनता को बहलाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।
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