
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की बिक्री और मेडिकल स्टोरों में नियमों की अनदेखी को लेकर जब जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन को टीम शहर में निकली तो नियम कायदों को तोड़ने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों की पोल खुल गई।
शनिवार को सुशीला तिवारी चिकित्सालय के आसपास स्थित मेडिकल स्टोरों पर एसडीएम मोनिका आर्य के नेतृत्व में छापे की कार्रवाई की गई। जांच के दौरान एक मेडिकल स्टोर में गंभीर खामियां मिलने पर ड्रग इंस्पेक्टर ने मौके पर ही औषधियों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी, जबकि अन्य कमियों को लेकर भी संचालकों को चेतावनी जारी की गई।
उपजिलाधिकारी हल्द्वानी मोनिका आर्य, पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) हल्द्वानी तथा औषधि एवं चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम ने सुशीला तिवारी चिकित्सालय के निकट स्थित शुभ मेडिकल स्टोर और रेहमान मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान रेहमान मेडिकल स्टोर में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच टीम को वहां प्रिस्क्रिप्शन फाइल एवं रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिला। साथ ही प्रतिष्ठान में सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित नहीं पाए गए और आवश्यक अभिलेख अधूरे मिले। सबसे गंभीर बात यह रही कि निरीक्षण के समय फार्मासिस्ट भी अनुपस्थित पाया गया।
इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए ड्रग इंस्पेक्टर ने मौके पर ही रेहमान मेडिकल स्टोर के औषधि क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
संयुक्त निरीक्षण दल ने दोनों मेडिकल स्टोरों में दवाओं के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख, नियंत्रित औषधियों के रख-रखाव, लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों तथा औषधि विक्रय से जुड़े अन्य वैधानिक प्रावधानों की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों के संबंध में संबंधित संचालकों को निर्धारित समयावधि के भीतर अभिलेख अद्यतन करने और सभी कमियों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आमजन के स्वास्थ्य से जुड़े प्रतिष्ठानों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दवाओं का विक्रय केवल निर्धारित मानकों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप होना चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को मेडिकल स्टोरों की कार्यप्रणाली पर बढ़ती निगरानी और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









