
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। घर घर की अपनी कहानी है। और जब विवाद जमीन जायदाद से जुड़ा हो तो बात चिंताजनक बन जाती है। पिता और भाई की ऐसी ही एक शिकायत पर जिलाधिकारी ने बेटे का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय लिया है।
यह वही विकास किरौला है जो बलोट रिसोर्ट, भुजियाघाट में बीते कुछ वर्षों से पर्यटन विभाग के साथ मिलकर देशभर के वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर को एकजुट कर क्षेत्र के पक्षियों का दीदार करवाता है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि विकास किरौला पुत्र जीएस किरौला, निवासी बलोट रिसोर्ट, भुजियाघाट के विरुद्ध उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों के अवलोकन से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि लाइसेंसी का अपने पिता एवं सगे भाई के साथ संपत्ति संबंधी विवाद न्यायालय में विचाराधीन है।
उक्त वादों से यह स्पष्ट होता है कि पारिवारिक सदस्यों के मध्य गहरा वैमनस्य विद्यमान है तथा भावनात्मक उत्तेजना की प्रबल संभावना बनी हुई है।
लाइसेंसी के पिता एवं सगे भाई द्वारा भी अपने जीवन को लेकर भय व्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सर्वविदित है कि भूमि एवं संपत्ति से जुड़े पारिवारिक विवाद स्वभावतः अत्यंत तनावपूर्ण एवं संवेदनशील होते हैं, ऐसे मामलों में शस्त्र की उपलब्धता स्थिति को और अधिक गंभीर एवं घातक रूप प्रदान कर सकती है।
उपलब्ध तथ्यों के आलोक में यह आशंका व्यक्त की गई है कि शस्त्र का प्रयोग परिवार के ही सदस्यों के विरुद्ध किया जा सकता है।
इस प्रकार का पारिवारिक एवं भूमि विवाद न केवल सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करता है, बल्कि लोक शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था के लिए भी प्रतिकूल है। ऐसी परिस्थितियों में शस्त्र का लाइसेंस बने रहना जनहित एवं लोक शांति के दृष्टिगत उपयुक्त नहीं पाया गया।
जिलाधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए अवगत कराया कि उपर्युक्त समस्त तथ्यों एवं संभावित खतरे को दृष्टिगत रखते एवं लाइसेंस निरस्तीकरण हेतु पर्याप्त एवं युक्तिसंगत आधार विद्यमान होने के फलस्वरूप, विकास किरौला का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया जाता है।









