
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। एक झूठी कॉल, एक फर्जी डर और एक गैर-जिम्मेदार हरकत डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवा के दुरुपयोग का यह मामला मुखानी थाना क्षेत्र में सामने आया है।
फायरिंग की झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने वाले युवक को अब इस लापरवाही की कीमत चुकानी पड़ी है। जांच में जब सच्चाई सामने आई, तो मामला केवल आपसी झगड़े का निकला और झूठी सूचना देने वाले आरोपी पर ₹5000 का जुर्माना लगाया गया है।
मामला 10 फरवरी 2026 की रात करीब 10:23 बजे का है, जब मल्ला फतेहपुर निवासी तुषार कबड़वाल ने डायल 112 पर कॉल कर दावा किया कि ऊंचापुल क्षेत्र में उसके साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे हैं और फायरिंग की जा रही है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच की गई, लेकिन वहां किसी भी प्रकार की फायरिंग की घटना नहीं पाई गई। जांच में सामने आया कि मामला केवल आपसी विवाद और झगड़े तक सीमित था।
पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि कॉलर द्वारा दी गई सूचना भ्रामक और असत्य थी। इसके बाद आरोपी तुषार कबड़वाल पुत्र देवेंद्र चंद्र निवासी मल्ला फतेहपुर कठघरिया के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए ₹5000 का चालान किया गया।
यह मामला केवल एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक समस्या की ओर इशारा करता है। झूठी सूचनाएं न सिर्फ पुलिस संसाधनों की बर्बादी हैं, बल्कि वास्तविक आपात स्थिति में फंसे लोगों की मदद में देरी का कारण भी बन सकती हैं।
डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवाएं मनोरंजन, गुस्से या व्यक्तिगत विवाद निकालने का माध्यम नहीं हैं। इसका दुरुपयोग कानूनन अपराध है और इसके लिए सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
संदेश साफ है कि आपात सेवाओं का उपयोग जिम्मेदारी से करें, झूठी सूचना न दें क्योंकि आपकी एक गलत कॉल किसी जरूरतमंद की जान पर भारी पड़ सकती है।









