
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। जब घर की चारदीवारी में सिमटी एक महिला अपने हुनर को पहचान लेती है, तब वह केवल सुई-धागे से कपड़े नहीं सिलती, बल्कि अपने बच्चों के सपनों, परिवार की जरूरतों और अपने आत्मसम्मान को भी संवारती है।
इसी विश्वास और आत्मबल को मजबूत करने के उद्देश्य से आरसेटी कुंवरपुर, नैनीताल में आयोजित 31 दिवसीय टेलर-वूमेन गारमेंट्स (महिला वस्त्र निर्माण) प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ।
मुख्य अतिथि एपीडी चंदा फर्त्याल ने प्रशिक्षु महिलाओं से आत्मीय संवाद कर उनके संघर्षों को समझा और उन्हें स्वरोजगार के रास्ते पर आगे बढ़ने का हौसला दिया।

सहायक परियोजना निदेशक (एपीडी) चंदा फर्त्याल ने कहा कि जब किसी महिला के हाथों में हुनर, आंखों में आत्मविश्वास और दिल में आगे बढ़ने का हौसला आ जाता है, तब वह केवल अपने लिए नहीं, पूरे परिवार के लिए उम्मीद बन जाती है।
सहायक परियोजना निदेशक नैनीताल चंदा फर्त्याल ने प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अपने हुनर को आजीविका का मजबूत साधन बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं से पारस्परिक संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, पाठ्यक्रम की उपयोगिता एवं हॉस्टल में रह रही महिलाओं को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की जानकारी ली।
एपीडी चंदा फर्त्याल ने प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार की गई प्रैक्टिकल फाइलों एवं स्वयं सिले गए परिधानों का निरीक्षण किया और उनके कार्यों की सराहना की। चंदा फर्त्याल ने महिलाओं को सिलाई एवं गारमेंट निर्माण को स्वरोजगार के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक ब्लॉक से महिलाएं आगे आकर सरकारी स्कूलों की वर्दी को गुणवत्तापूर्ण ढंग से तैयार करें, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकें।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, सफल उद्यमी के गुण, सफल उद्यमियों से संवाद, विभिन्न खेलों एवं गतिविधियों के माध्यम से उद्यमिता की बारीकियों से अवगत कराया गया। साथ ही बैंकिंग एवं वित्तीय साक्षरता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं।
संस्थान के निदेशक अतुल कुमार पांडे ने बताया कि प्रशिक्षण उपरांत भी प्रशिक्षणार्थियों को निजी व्यवसाय एवं आय सृजन गतिविधियों के लिए संस्थान द्वारा आगामी दो वर्षों तक नियमित मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा। एनएआर की असेसमेंट टीम देहरादून द्वारा प्रशिक्षणार्थियों का लिखित एवं मौखिक मूल्यांकन भी किया गया।
इस अवसर पर बड़ौदा आरसेटी के निदेशक अतुल कुमार पांडे, मास्टर ट्रेनर तारा देवी, प्रशिक्षक नरेंद्र सिंह पिलख्वाल एवं एफएलसी काउंसलर सुरेश बिष्ट ने सभी प्रशिक्षुओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।









