बिहार से आकर हल्द्वानी में बसाया ठगी का कारोबार, ठेकेदार धनंजय के कर्मों से उठने लगा पर्दा

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। कहते हैं जब बुरा वक्त शुरू होता है तो साया भी साथ छोड़ देता है। ऐसा ही कुछ इन दिनों बिहार से हल्द्वानी में ठगी का साम्राज्य खड़े करने वाले मजदूर से ठेकेदार बने धनंजय गिरी के साथ भी हो रहा है। कभी जिस धनंजय गिरी के तार हल्द्वानी के बड़े बड़े अधिकारियों के साथ- साथ नेताओं और न्याय के पुजारियों तक जुड़े थे, आज उसके कर्मों का कच्चा चिट्ठा खुलना शुरू हो गया है।

हल्द्वानी में लोगों के साथ लैंड फ्रॉड करने वाले धनंजय गिरी के खिलाफ आईजी कुमाऊं ने एसआईटी गठित कर जांच शुरू करवा दी है। लैंड फ्रॉड करने वालों के नाम रजिस्ट्री कार्यालय में चस्पा किये गए हैं।

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हल्द्वानी के आईजी कैम्प कार्यालय में प्रेस वार्ता कर आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि हल्द्वानी में 20 से अधिक पीड़ितों ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर कहा कि उनके साथ धनंजय गिरी नामक ठेकेदार ने लैंड फ्रॉड किया है। ये सभी पीड़ित पिछले दो माह में शिकायत लेकर पहुंचे थे। आरोप लगाया कि धनंजय ने उन्हें प्रॉपर्टी दिखाकर रुपये लिए लेकिन प्रॉपर्टी नहीं सौंपी।

ठेकेदार धनंजय गिरी।

आईजी ने बताया कि उनकी प्राथमिक जांच में पता चला कि वर्ष 2019 से अबतक धनंजय के खिलाफ धोखाधडी के 9 मामले सामने आए हैं। टीम की जांच में हिलाहवाली के चलते आईओ एसआई अनिल कुमार को लापरवाही बरतने के लिए निलंबित किया गया। अब, नई एसआईटी टीम का इंचार्ज एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल को बनाया गया है।

बताया कि अब टीम सक्रीय होकर धनंजय और उनकी टीम को गिरफ्तार कर पीड़ितों को राहत दिलाएगी। उन्होंने कहा कि जिसे भी ठेकेदार धनंजय ने ठगा है वो एसपी मनोज कत्याल, एसएसपी मंजूनाथ टीसी या उनके कार्यालय में संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

आम लोगों को सचेत करते हुए आईजी ने कहा कि उन्होंने तहसील या रजिस्ट्रार कार्यालय से वैरिफिकेशन कराकर ही भूमि खरीदनी चाहिए, ताकि वो ठगी का शिकार न होए।

बताया कि धनंजय और उनके साथियों ने पिछले तीन वर्षों में 80 प्रॉपर्टी खरीदी, जो इनके नाम ट्रांसफर हुई हैं। अबतक की जांच में 10 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला सामने आया है। वो धनंजय गिरी का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही हैं। उनके खिलाफ लैंड फ्रॉड मामले के 9 मुकदमे दर्ज हैं। कुछ शिकायतकर्ता रेरा के पास भी पहुंचे हैं।

आईजी ने बताया कि फ्रॉड करने वालों को ब्लैक लिस्ट कर रजिस्ट्रार कार्यालय में उनके नाम चस्पा कर दिए गए हैं। ये भी कहा कि शासन के आदेश पर लैंड फ्रॉड कमिटी का अध्यक्ष आयुक्त को बनाया गया है जबकी एसआईटी पुलिस के रेंज कार्यालय में गठित है।

(वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट)

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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