डॉ. संतोष मिश्र की पहल रंग लाई, हल्द्वानी में बेजुबानों को मिलेगा सम्मानजनक अंतिम संस्कार

खबर शेयर करें -

हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में अब बेजुबान जानवरों के लिए भी सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था होने जा रही है। गंगापुर कबडवाल स्थित गोशाला परिसर में करीब 500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में गैस आधारित पशु शवदाह गृह (एनिमल क्रीमेटोरियम) बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए नगर निगम ने 1.36 करोड़ ₹ का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है।

इस पहल के पीछे समाजसेवी और एमबीपीजी कॉलेज के सेवानिवृत्त हिंदी प्राध्यापक डॉ. संतोष मिश्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। देहदान, रक्तदान, नेत्रदान, कपड़ा दान और शिक्षा दान जैसी सामाजिक मुहिम चलाने वाले डॉ. मिश्र ने नगर निगम को पत्र लिखकर शहर में पशुओं के लिए विद्युत शवदाह गृह बनाने की मांग उठाई थी।

Ad

नगर आयुक्त परितोष वर्मा के अनुसार, शहरी विकास निदेशालय से प्राप्त निर्देशों के बाद शवदाह गृह के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेज दी गई है। धनराशि स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

वर्तमान में शहर में मृत गोवंशीय और अन्य बड़े पशुओं को ट्रंचिंग ग्राउंड में दफनाया जाता है। कई बार मृत पशु शहर और आसपास के क्षेत्रों में खुले स्थानों पर पड़े रहते हैं या लोग उन्हें हल्द्वानी-कालाढूंगी मार्ग के जंगलों में फेंक देते हैं। समय के साथ शव सड़ने लगते हैं और दुर्गंध फैलती है, जिससे राहगीरों और पर्यटकों को परेशानी होती है।

हल्द्वानी में प्रतिदिन 50 से अधिक आवारा और पालतू पशुओं की मृत्यु होती है, जिनमें कुत्ते, गाय, सांड, बैल, बकरी और बिल्ली जैसे जानवर शामिल हैं। फिलहाल इनके शवों को या तो गाड़ दिया जाता है या सुनसान जगहों पर फेंक दिया जाता है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण और संक्रमण का खतरा बना रहता है।

यह भी पढ़ें: हल्द्वानी में बेजुबानों के लिए भी विद्युत शवदाह गृह बनाने की मांग, डॉ. मिश्र ने लिखा ये पत्र

डॉ. संतोष मिश्र का कहना है कि शहर को सुंदर बनाने के प्रयासों के बीच यदि सड़क या नालों के आसपास मृत पशुओं की दुर्गंध से लोगों को नाक पर रुमाल रखना पड़े तो यह अच्छी स्थिति नहीं है।

उन्होंने नगर निगम को भेजे पत्र में सुझाव दिया था कि आवारा पशुओं का दाह संस्कार निशुल्क किया जाए, जबकि पालतू पशुओं के लिए नाममात्र का शुल्क तय किया जाए, जिससे शवदाह गृह का रखरखाव भी हो सके।

कई लोग अपने पालतू पशुओं को परिवार के सदस्य की तरह मानते हैं और उनकी मृत्यु के बाद सम्मानजनक अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। पशु शवदाह गृह बनने के बाद लोग अपने पालतू जानवरों का विधिवत अंतिम संस्कार कर सकेंगे और चाहें तो उनकी अस्थियां भी साथ ले जा सकेंगे।

नगर निगम की इस पहल से उम्मीद है कि हल्द्वानी में लंबे समय से बनी मृत पशुओं के निस्तारण और दुर्गंध की समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा और बेजुबान जानवरों को भी सम्मानजनक विदाई मिल पाएगी।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
1
+1
0
+1
0
+1
0

संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

सम्बंधित खबरें