
चम्पावत, प्रेस 15 न्यूज। उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण के लिए आवेदन कर चुके सभी आवेदकों को राज्य स्थापना दिवस से पहले राज्य आंदोलनकारी घोषित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। मांग पूरी न होने पर प्रदेशभर के वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने आंदोलन तेज करने और सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है।
वंचित राज्य आंदोलनकारी संगठन के जिलाध्यक्ष एवं पत्रकार दिनेश पांडेय के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के अध्यक्ष हुकुम सिंह कुंवर से मुलाकात कर इस संबंध में अपनी मांग रखी।
शिष्टमंडल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के आंदोलन के दौरान आरक्षण विरोधी आंदोलन और जिला गठन को लेकर भी अलग-अलग आंदोलन चल रहे थे। इसके चलते कई स्तरों पर भ्रम और विसंगतियां उत्पन्न हुईं।
राज्य निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे कई लोगों को आरक्षण विरोधी अथवा जिला गठन से जुड़े आंदोलनों से जोड़ दिया गया, जिसके कारण अनेक वास्तविक आंदोलनकारी चिन्हीकरण से वंचित रह गए। वहीं, आंदोलन का विरोध करने वाले कुछ लोगों के चिन्हीकरण पर भी सवाल उठते रहे हैं।
वंचित आंदोलनकारियों ने बताया कि कई मामलों में पुराने पुलिस अभिलेख उपलब्ध नहीं होने के कारण आंदोलन के दौरान जारी किए गए पुलिस प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इसके चलते बड़ी संख्या में आवेदन लंबे समय से लंबित हैं और वास्तविक आंदोलनकारियों में निराशा बढ़ रही है।
शिष्टमंडल ने पत्रकारों को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा दिए जाने के संबंध में भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया। बताया गया कि पूर्व जिलाधिकारी अवनेंद्र नयाल ने पत्रकारों को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा दिए जाने की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा था। इस संबंध में कई बार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद मामला अभी तक लंबित है।
आंदोलनकारियों ने मांग की कि शासन स्तर पर स्पष्ट राजाज्ञा जारी कर आवेदन की निर्धारित अंतिम तिथि तक अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत करने वाले सभी पात्र आवेदकों के मामलों का निस्तारण किया जाए और उन्हें राज्य आंदोलनकारी के रूप में चिन्हित किया जाए।
वंचित आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि उनकी मांग पेंशन को लेकर नहीं, बल्कि सम्मान और पहचान को लेकर है। उन्होंने कहा कि उन्होंने उत्तराखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष किया है और उन्हें अपने संघर्ष की आधिकारिक पहचान के रूप में राज्य आंदोलनकारी होने का प्रमाणपत्र चाहिए।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के अध्यक्ष हुकुम सिंह कुंवर ने शिष्टमंडल को भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष एक प्रस्तावित ड्राफ्ट रखेंगे और राज्य स्थापना दिवस से पहले समस्या के समाधान की दिशा में ठोस पहल का प्रयास करेंगे।
शिष्टमंडल में वंचित राज्य आंदोलनकारी शेखर खोलिया, अशोक जोशी, बहादुर फर्त्याल, शंकर पांडेय, एडवोकेट नरेश ढेक और ललित कुंवर सहित अन्य लोग शामिल रहे।
(लोहाघाट से वरिष्ठ पत्रकार गणेश दत्त पांडेय की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)









