भीमताल: मोमबत्ती निर्माण से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी

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हल्द्वानी/भीमताल, प्रेस 15 न्यूज। कभी घर की चौखट तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाएं आज अपने हुनर और हौसले से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं।

नैनीताल के भीमताल ब्लॉक की गीता नेगी ने यह साबित कर दिया है कि अवसर और संकल्प मिल जाए तो महिलाएं केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की आर्थिक तस्वीर बदल सकती हैं।

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REAP परियोजना के सहयोग से शुरू हुई उनकी मोमबत्ती निर्माण इकाई आज कई महिलाओं के लिए रोजगार का जरिया बन चुकी है और ‘लखपति दीदी’ बनने के सपने को नई उड़ान दे रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड” के विजन को जनपद नैनीताल में रीप (REAP) परियोजना मजबूती से साकार कर रही है।

ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह योजना नई उम्मीद जगा रही है। स्वयं सहायता समूहों और महिला संगठनों को आत्मनिर्भर बनाने की इस पहल ने कई महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

इसी कड़ी में विकासखंड भीमताल के ग्राम ज्योलीकोट स्थित उड़ान सीएलएफ से जुड़ी गीता नेगी पिछले दो वर्षों से सफलतापूर्वक मोमबत्ती निर्माण इकाई का संचालन कर रही हैं। उनकी यह इकाई आज न केवल उनकी आय का मजबूत स्रोत बनी है, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बन गई है।

इस इकाई में महिलाओं द्वारा सुगंधित (Scented) कैंडल, डेकोरेटिव कैंडल, गिफ्ट कैंडल, पिंक कैंडल सहित विभिन्न आकर्षक डिज़ाइन की मोमबत्तियां तैयार की जा रही हैं। इन उत्पादों की स्थानीय बाजार के साथ-साथ विभिन्न मेलों और प्रदर्शनियों में भी अच्छी मांग है। बेहतर गुणवत्ता और आकर्षक डिजाइनों के कारण इनकी पहचान लगातार बढ़ रही है।

REAP परियोजना के अंतर्गत इस इकाई को ₹6 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इस सहयोग से आधुनिक मशीनें और उपकरण उपलब्ध हुए, उत्पादन क्षमता बढ़ी और अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे के निर्देशन में संचालित यह पहल महिलाओं को स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की नई दिशा दे रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण महिला को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराकर ‘लखपति दीदी’ बनाने का है।

भीमताल की गीता नेगी की सफलता यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे सकती हैं। REAP परियोजना आज नैनीताल जिले में महिला सशक्तिकरण की ऐसी ही प्रेरक मिसाल बनकर उभर रही है।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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