
नैनीताल/देहरादून, प्रेस 15 न्यूज। जान से मारने की धमकी देने और लाइसेंसी बंदूक से हवा में फायर करने के गंभीर मामले में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कड़ा कदम उठाते हुए आरोपी का शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
बताते चलें कि इस महीने यह तीसरा प्रकरण है जब जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया है। इससे पहले हल्द्वानी के व्यापारी आज़ाद नगर बनभूलपुरा निवासी नाहिद कुरैशी पुत्र वाजिद कुरैशी और बलौट रिसॉर्ट सूर्याजाला भुजियाघाट निवासी विकास किरौला के शस्त्र लाइसेंस निरस्त हुए हैं।
जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार देवीदत्त पुत्र हरिदत्त, निवासी डालकन्या गोनियारो, तहसील धारी (हाल निवासी गंगा सूरजपुर कॉलोनी, हरिपुर कलां, थाना रायवाला, जिला देहरादून) ने अपने आवास के बाहर खड़े होकर शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान आरोपी ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से हवा में फायरिंग की, जिससे न केवल शिकायतकर्ता बल्कि क्षेत्र में रहने वाले आम नागरिकों में भय और आतंक का माहौल उत्पन्न हो गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की लाइसेंसी बंदूक तत्काल थाने में जमा कराई गई। मामले की जांच के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून की आख्या में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध पूर्व से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी को पूर्व में न्यायालय द्वारा कारावास की सजा एवं ₹4000 का अर्थदंड भी दिया जा चुका है। इसके अतिरिक्त वह एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत भी दोषसिद्ध पाया गया है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शस्त्र लाइसेंस किसी व्यक्ति का मौलिक अधिकार नहीं, बल्कि एक सशर्त विशेषाधिकार है, जो केवल ऐसे व्यक्ति को दिया जा सकता है जिसका आचरण समाज, लोक-शांति और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा न हो।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध तथ्यों से यह स्पष्ट है कि आरोपी ने लाइसेंसी शस्त्र का प्रयोग आत्मरक्षा के बजाय भय उत्पन्न करने और धमकी देने के उद्देश्य से किया, जो शस्त्र अधिनियम की मूल भावना के विपरीत है। आरोपी का आपराधिक इतिहास, दोषसिद्धि और लापरवाह फायरिंग यह संकेत देती है कि भविष्य में भी शस्त्र के दुरुपयोग की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे व्यक्ति के पास शस्त्र बने रहना लोक व्यवस्था, जनसुरक्षा और सार्वजनिक शांति के लिए गंभीर खतरा है।
उपरोक्त सभी तथ्यों, पुलिस आख्या, आपराधिक पृष्ठभूमि और लोकहित को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने शस्त्र अधिनियम, 1959 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए देवीदत्त भट्ट का शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं।









