(भीमताल) पहाड़ का दर्द: जब सीडीओ पहुंचे तो टूटी खामोशी, बच्चे स्कूल में, शिक्षक तीन दिन से गायब

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धारी/भीमताल, प्रेस 15 न्यूज। विषम हालातों से जूझते पहाड़ में जब शिक्षा की बुनियाद ही कमजोर पड़ने लगे, तो सवाल उठना लाजमी है कि आखिर अभिभावक करें तो करें क्या?

क्या गरीब और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को पढ़ने का हक नहीं? सोचिए, जब किसी स्कूल में तीन-तीन दिन तक शिक्षक ही न पहुंचे, तो उन मासूम बच्चों का भविष्य किस भरोसे पर टिका है?

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और अगर यही स्थिति किसी शिक्षक के अपने बच्चों के साथ होती, तो क्या प्रतिक्रिया होती? पलायन और संसाधनों की कमी से जूझते पहाड़ को आखिर कैसे समृद्ध बनाया जा सकता है, जब बच्चे ही शिक्षा से वंचित रह जाएं?

इन्हीं गंभीर सवालों के बीच मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डेय ने औचक निरीक्षण कर हकीकत से पर्दा उठाया और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की।

मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डेय ने बुधवार को धारी ब्लॉक एवं भीमताल ब्लॉक के दो विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान हेड़िया गांव के विद्यालय में गंभीर लापरवाही पाई गई। हेड़िया गांव के विद्यालय में कुल 13 बच्चे अध्ययनरत हैं, लेकिन पिछले 3 दिनों से एक भी शिक्षक उपस्थित नहीं है। दोनों नियमित शिक्षक अवकाश पर हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जिस शिक्षक हरीश चंद्र पाठक को भेजा गया था, परंतु वे भी बिना सूचना दिए विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि यह क्षेत्र जंगली जानवरों के आतंक से ग्रसित है। ऐसी स्थिति में बच्चों को असुरक्षित छोड़ना उनके जीवन से खिलवाड़ है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तत्काल खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब कर पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु भेज दी है।

वहीं दूसरे विद्यालय धारी ब्लॉक का संत सोमवारी महाराज राजकीय इंटर कॉलेज, पदमपुरी में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। यहां कुल 306 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। निरीक्षण के दौरान सभी शिक्षक उपस्थित मिले एवं व्यवस्थाएं ठीक पाई गईं।

मुख्य विकास अधिकारी ने यहां कक्षा 12 के बच्चों की क्लास भी ली। उन्होंने बच्चों से संवाद कर उन्हें कड़ी मेहनत करने, बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने एवं अनुशासित जीवन जीने की सीख दी। साथ ही शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखें और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दें।

मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति और बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। औचक निरीक्षण की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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