
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। इतिहास, लोकसंस्कृति और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले पद्मश्री डॉ. शेखर पाठक की उपस्थिति ने आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल, लामाचौड़ के गणतंत्र दिवस समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।
शिक्षा को समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार मानने वाले डॉ. पाठक के विचारों ने विद्यार्थियों को संविधान, अनुशासन और देशसेवा के मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया।
26 जनवरी को विद्यालय परिसर में गणतंत्र दिवस बड़े हर्षोल्लास, देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. शेखर पाठक द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके पश्चात राष्ट्रगान गाया गया तथा उपस्थित जनसमूह ने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ ली।
अपने प्रेरक संबोधन में पद्मश्री डॉ. शेखर पाठक ने कहा कि संविधान केवल कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि देश की आत्मा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भावना को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जागरूक और जिम्मेदार छात्र ही सशक्त भारत की नींव रखते हैं।
विद्यालय परिसर तिरंगे रंगों से सुसज्जित रहा। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, भाषण, नाटक एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनकी उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ड्रोन शो के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब का शुभारंभ रहा। आधुनिक तकनीक से सुसज्जित ड्रोन ने आकाश में तिरंगा, अशोक चक्र और डिजिटल इंडिया से जुड़े संदेश प्रदर्शित किए। इस अभिनव प्रस्तुति ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और बच्चों में विज्ञान व तकनीक के प्रति नई जिज्ञासा जगाई।
विद्यालय के प्रबंधक भुवन चंद्र उपाध्याय ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान न देकर उन्हें संस्कार, तकनीकी दक्षता और राष्ट्रप्रेम से भी जोड़ा जाए। पद्मश्री डॉ. शेखर पाठक जैसे विद्वान का मार्गदर्शन बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि विद्यालय आने वाले समय में भी आधुनिक शिक्षा के साथ सामाजिक मूल्यों को प्राथमिकता देता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने समारोह को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।









