
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से तेजी से खुल रहे नशामुक्ति केंद्रों की हकीकत प्रशासनिक जांच में लगातार सामने आ रही है।
नशे से मुक्ति दिलाने के नाम पर संचालित किए जा रहे कई केंद्रों में नियमों और मानकों की अनदेखी के मामले उजागर हो रहे हैं। शनिवार को प्रशासन ने एक और ऐसे नशामुक्ति केंद्र की पोल खोल दी, जो आवश्यक नियमों को ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा था।
उपजिलाधिकारी हल्द्वानी मोनिका आर्य के नेतृत्व में क्षेत्राधिकारी (सीओ), एसीएमओ नैनीताल और औषधि निरीक्षक की संयुक्त टीम ने साईं कृपा ट्रस्ट द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। जांच के दौरान केंद्र में उपलब्ध अभिलेखों, लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों, आधारभूत सुविधाओं तथा अन्य व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया।
निरीक्षण में सामने आया कि संस्थान के पास नियमित लाइसेंस उपलब्ध नहीं है और केंद्र प्रोविजनल लाइसेंस के आधार पर संचालित किया जा रहा है। इतना ही नहीं, केंद्र में कार्यरत पांच कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन भी पूरा नहीं कराया गया था।
संयुक्त निरीक्षण दल ने केंद्र की आधारभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया, जिसमें कई कमियां परिलक्षित हुईं। प्रशासन ने केंद्र प्रबंधन को निर्धारित समयावधि के भीतर सभी कमियों को दूर करने और आवश्यक अभिलेखों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए हैं।
उपजिलाधिकारी ने कहा कि नशामुक्ति केंद्रों का संचालन शासन द्वारा निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप होना अनिवार्य है। उपचाराधीन व्यक्तियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण को देखते हुए किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त निरीक्षण के आधार पर तैयार विस्तृत जांच रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी नैनीताल को भेजी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित में ऐसे संस्थानों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा ताकि नशामुक्ति केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।









