
नैनीताल, प्रेस 15 न्यूज। सरोवर नगरी में नैनीताल की मनोहारी वादियों के बीच यहां अब ‘एस्ट्रो टूरिज्म’ भी पर्यटकों की पसंद और आर्कषण बनता जा रहा है। चांद सितारों की दुनिया है ही कुछ ऐसी कि इसे देखते ही दिलोदिमाग में उत्सुकताओं का सागर उमड़ पड़ता है।
पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से आयोजित ‘विंटर कार्निवाल’ का शुक्रवार को भव्य समापन हो गया। इस बार कार्निवाल की सबसे खास बात एस्ट्रो टूरिज्म (अंतरिक्ष पर्यटन) का समावेश रहा, जिसने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ब्रह्मांड के रहस्यों से रूबरू कराया।
पहली बार दिखा सितारों का जादू
नैनीताल के किसी बड़े आयोजन में पहली बार एस्ट्रो टूरिज्म को जगह दी गई। मल्लीताल स्थित बैंड स्टैंड में KOSMIKAI (कॉस्मइकाई) द्वारा लगाए गए टेलीस्कोप के जरिए 100 से अधिक लोगों ने चांद और सितारों के ‘दिव्य दर्शन’ किए। पर्यटकों को न केवल अंतरिक्ष की सैर कराई गई, बल्कि उन्हें चंद्रयान-3, शिव शक्ति पॉइंट और ‘अर्थ शाइन’ जैसी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारियों से भी अवगत कराया गया।
एस्ट्रो फोटोग्राफी विशेषज्ञ प्रमोद सिंह खाती ने बताया कि यह पहल उत्तराखंड में एस्ट्रो टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य के स्वच्छ आसमान और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस क्षेत्र में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं।
सांस्कृतिक संध्या में थिरका नैनीताल
विंटर कार्निवाल की स्टार नाइट्स में सुरों और ताल का ऐसा संगम दिखा कि दर्शक कड़ाके की ठंड में भी थिरकने पर मजबूर हो गए। फ्लैट्स मैदान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बी प्राक, परमिश वर्मा और पवनदीप राजन की आवाजों ने जादू बिखेरा।चारु सेमवाल, पंकज जीना और हिमनाद बैंड की प्रस्तुतियों को खूब सराहा गया। फेमस पांडवाज़ ग्रुप ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति की जीवंत झलक पेश की।
ट्रैकिंग और साहसिक खेलों का जोश
22 दिसंबर से शुरू हुआ यह उत्सव आज स्नो व्यू चुंगी से कैंची धाम तक आयोजित एक रोमांचक ट्रैक के साथ संपन्न हुआ। कार्निवाल के दौरान पर्यटकों ने निम्नलिखित गतिविधियों का जमकर आनंद लिया। फ्री आर्टिफिशियल रॉक क्लाइम्बिंग और नुक्कड़ नाटक। फूड फेस्टिवल में पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद और शिल्पकार दीर्घा में हस्तशिल्प की प्रदर्शनी। विंटर लाइन फोटोग्राफी और पारंपरिक ऐपण प्रतियोगिता।
(नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ✍️)









