
देहरादून, प्रेस 15 न्यूज। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उत्तराखंड के पहाड़ों पर बर्फ की सौगात बरस ही गई। मौसम के बदले मिजाज के साथ ही ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे पहाड़ सफेद चादर में लिपट गए। चकराता से लेकर गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा तक बर्फबारी के मनमोहक नज़ारों ने सैलानियों और स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया।
उत्तराखंड में मौसम ने शुक्रवार को अचानक करवट लेते हुए लंबे समय से चल रहे सूखे और ठंड के इंतजार को खत्म कर दिया। बसंत के आगमन के साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र का नज़ारा ही बदल गया। बर्फ की सफेद चादर से ढके पहाड़ किसी स्वर्ग से कम नहीं लग रहे हैं।
चकराता क्षेत्र में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। लोखंडी, आसमाड़, खड़म्बा, देवबन, मशक, कोटी कंसार और मुंडोई समेत आसपास की ऊंची पहाड़ियां बर्फ से ढक गई हैं। बर्फ गिरते ही तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया है।
बर्फबारी की खबर मिलते ही चकराता पहुंचे पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सैलानी बर्फ के बीच नाचते-झूमते और फोटो-वीडियो बनाते नजर आए। लंबे समय से बर्फ का इंतजार कर रहे पर्यटकों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
उत्तरकाशी जनपद में भी मौसम ने अचानक रुख बदला। गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा सहित आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में बर्फबारी शुरू हो गई है। वहीं गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
मसूरी, धनौल्टी और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और कड़ाके की ठंड से मौसम पूरी तरह सर्द हो गया है। उधर निचले इलाकों में बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है, जिससे ठंड का असर मैदानी क्षेत्रों तक महसूस किया जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार 2300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। सीजन की इस पहली बर्फबारी से जहां पर्यटन कारोबारियों और सैलानियों में उत्साह है, वहीं किसानों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है। यह बर्फबारी फसलों और जलस्रोतों के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जा रही है।









