हल्द्वानी में गैस एजेंसी पर प्रशासन का छापा, स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी समेत कई अनियमितताएं उजागर

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हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देश पर हल्द्वानी स्थित ज्वालाजी गैस सर्विस और उसके प्रेमपुर लोशज्ञानी स्थित गैस गोदाम में प्रशासनिक टीम ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर और मौके पर मौजूद गैस सिलेंडरों की संख्या में बड़ा अंतर मिला। साथ ही गोदाम संचालन, दस्तावेजों और उपभोक्ता सेवाओं में भी कई गंभीर खामियां सामने आईं।

जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे उपजिलाधिकारी हल्द्वानी, फील्ड ऑफिसर सेल्स बीपीसीएल मनीष कुमार, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी हल्द्वानी और पूर्ति निरीक्षक हल्द्वानी की संयुक्त टीम ने रामपुर रोड स्थित ज्वालाजी गैस सर्विस कार्यालय तथा प्रेमपुर लोशज्ञानी स्थित गैस गोदाम का औचक निरीक्षण किया।

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निरीक्षण के दौरान एजेंसी संचालक मौके पर उपस्थित मिले। टीम को कार्यालय और गोदाम में अलग-अलग स्टॉक रजिस्टर मिले, जिसके बाद दोनों रजिस्टरों में दर्ज सिलेंडरों की संख्या और मौके पर उपलब्ध सिलेंडरों का भौतिक सत्यापन किया गया।

जांच में सामने आया कि 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडरों के मामले में स्टॉक रजिस्टर, डिलीवरी के लिए भेजे गए सिलेंडरों और मौके पर मौजूद सिलेंडरों के आंकड़ों में अंतर है। स्टॉक रजिस्टर के अनुसार कुल 442 भरे घरेलू सिलेंडर होने चाहिए थे। इसमें प्रारंभिक शेष 298 सिलेंडर, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट से प्राप्त 324 सिलेंडर तथा डिलीवरी के लिए भेजे गए 180 सिलेंडर शामिल थे। लेकिन निरीक्षण के दौरान मौके पर केवल 425 भरे घरेलू गैस सिलेंडर ही पाए गए। इस प्रकार 17 घरेलू गैस सिलेंडरों की कमी मिली।

निरीक्षण टीम ने बताया कि मौके पर तीन गैस डिलीवरी वाहनों में कुल 300 घरेलू 14.2 किलोग्राम सिलेंडर मिले, जबकि बॉटलिंग प्लांट से आए वाहन में 62 घरेलू सिलेंडर पाए गए। इसके अतिरिक्त गोदाम परिसर में 63 सिलेंडर तथा कुल 24 व्यावसायिक 19 किलोग्राम वाले भरे सिलेंडर भी पाए गए।

वहीं 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों के मामले में भी बड़ा अंतर सामने आया। स्टॉक रजिस्टर के अनुसार कुल 122 भरे सिलेंडर दर्ज थे, लेकिन मौके पर भौतिक सत्यापन के दौरान 231 सिलेंडर पाए गए। यानी 109 सिलेंडर अधिक मिले।

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि गोदाम में खाली और भरे गैस सिलेंडरों का रखरखाव निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। गोदाम में केवल एक्सप्लोसिव लाइसेंस की प्रति प्रदर्शित मिली, जिसकी वैधता 30 सितंबर 2026 तक थी। हालांकि बीमा पॉलिसी, विधिक माप विज्ञान विभाग के प्रमाणपत्र, अग्निशमन से संबंधित दस्तावेज और अन्य आवश्यक अभिलेख मौके पर उपलब्ध नहीं पाए गए।

संयुक्त निरीक्षण दल ने यह भी पाया कि गैस गोदाम में स्टॉक बोर्ड अद्यतन नहीं था और एजेंसी कार्यालय का स्टॉक रजिस्टर भी 14 मई 2026 तक ही अपडेट किया गया था।

निरीक्षण के दौरान उपभोक्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने एजेंसी कर्मचारियों के खराब व्यवहार और फोन नहीं उठाने की शिकायत भी अधिकारियों से की।

निरीक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि गैस एजेंसी द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया, मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस (एमडीजी) तथा द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश-2000 का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसी के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि फिलहाल एजेंसी संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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संजय पाठक

संपादक - प्रेस 15 न्यूज | अन्याय के विरुद्ध, सच के संग हूं... हां मैं एक पत्रकार हूं

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