
हल्द्वानी, प्रेस 15 न्यूज। हल्द्वानी में शुक्रवार को गौलापार स्थित गौलापुल पर इंसानियत और मानवता की एक मिसाल देखने को मिली।
एक तरफ मासूम बेटी अपनी मां को पुल से कूदने से रोकने के लिए चीख-चीख कर मदद मांग रही थी, तो दूसरी ओर वहां से गुजर रहे पत्रकार और नमाज अदा कर लौट रहे कुछ मुस्लिम युवकों ने बिना देर किए मानवता का हाथ बढ़ाया। सबने मिलकर महिला को पुल से नीचे कूदने से बचा लिया और एक बड़ा हादसा टल गया।
यह घटना बताती है कि जब इंसानियत जागती है तो मजहब और पहचान से ऊपर उठकर लोग एक-दूसरे की जिंदगी बचाने के लिए आगे आ जाते हैं।
पंतनगर किसान मेले से वापस लौट रहे पत्रकार भूपेश कन्नौजिया की सतर्कता से शुक्रवार को गौलापार स्थित गौलापुल पर एक बड़ी घटना टल गई। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 4.25 बजे एक 12 वर्षीय बच्ची अपनी माँ को पुल से कूदने से रोकने की कोशिश कर रही थी और जोर-जोर से चिल्ला रही थी।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे पत्रकार भूपेश कन्नौजिया की नजर इस दृश्य पर पड़ी। उन्होंने तुरंत अपनी स्कूटी रोकी और देखा कि महिला पुल से लगभग आधी बाहर लटकी हुई थी। भूपेश ने बिना देर किए महिला को पकड़ लिया और जोर-जोर से शोर मचाकर आसपास मौजूद लोगों को मदद के लिए बुलाया।
उसी समय रमजान की नमाज अदा कर लौट रहे कुछ मुस्लिम युवक और राहगीर भी वहां पहुँच गए और उन्होंने भी मिलकर महिला को सुरक्षित पुल पर खींच लिया। इस बीच मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही भूपेश कन्नौजिया ने तुरंत 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी।चना मिलने के लगभग एक मिनट के भीतर ही पुलिस मौके पर पहुँच गई और महिला तथा उसकी बच्ची को अपने साथ वनभूलपुरा थाने ले गई।
बताया जा रहा है कि महिला राजपुरा क्षेत्र की निवासी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और महिला से पूछताछ की जा रही है। स्थानीय लोगों ने पत्रकार भूपेश कन्नौजिया की सतर्कता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि उनकी तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।









